जनपद सीईओ राधेश्याम मिर्झा के कमरे में ईडी की दबिश, खंगाले गए दस्तावेज…….

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प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप, सुबह पहुंची ईडी की टीम

प्रवर्तन निदेशालय ने बैकुण्ठपुर जनपद सीईओ राधेश्याम मिर्झा को जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर के रेस्ट हाउस में छापामार कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीम खनिज न्यास मद (डीएमएफ) जिला कोरबा में गड़बड़ी की भी जांच कर रही है। जनपद सीईओ के यहां पड़े छापे को कोरबा डीएमएफ घोटले की जांच से जोड़ कर देखा जा रहा। शुक्रवार की सुबह ईडी ने प्रदेश के अधिकारियों ने बैकुण्ठपुर में जनपद सीईओ के ठिकानों पर दबिश दी है। बैकुण्ठपुर में सुबह करीब छह बजे ईडी की पांच सदस्यीय टीम जल संसाधन विभाग स्थित रेस्ट हाउस में आराम फरमा रहे जनपद सीईओ राधेश्याम मिर्झा के पास पहुंची। जहा मामले से जुडे दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाईल को कब्जे में लेकर टीम ने छानबीन शुरू कर दी है। दबिश के समय सीईओ मौके पर ही थे। कार्रवाई को लेकर प्रशानिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। टीम के साथ सुरक्षा बल भी शामिल हैं। जिनकी उपस्थित सरकारी रेस्ट हाउस के सामने कर गई है। सूत्रों की माने तो ईडी की टीम देर रात ही बैकुण्ठपुर पीडब्लूडी रेस्ट हाउस पहुंच गई थी।

गौरतलब हो कि जनपद सीईओ राधेश्याम मिर्झा तात्कालिन कोरबा कलेक्टर रानू साहू के कार्यकाल में प्रदेश के सबसे बडे जनपद पौडी उपरोडा मे जनपद सीईओ के पद पर रहे हैं। यही कारण है कि ईडी ने कोरबा जिले में हुए कोयला परिवहन घोटाला मामले का तार जोडते हुए राधेश्याम मिर्झा तक पहुॅची है। जहा हुए कोयला परिवहन घोटाले के साथ डीएमएफ की राशि के दुरूपयोग की जांच भी ईडी कर रही।
ईडी के अधिकारी दो गाड़ियों से आये है । कोरिया के बैकुण्ठपुर जनपद में पदस्थ सीईओ राधेश्याम मिर्झा आदिम जाति विकास विभाग में मंडल संयोजक के पद पर भी है। इससे पूर्व राधेश्याम मिर्झा कोरबा जिले से कोरिया के सोनहत जनपद में सीईओ के पद पर स्थानांतरण होकर आये थे। गौरतलब हो कि सीईओ राधेश्याम मिर्झा का हाल ही में स्थानांतरण सुरजपुर जिले के प्रतापपुर जनपद में हुआ है।

कोरबा में हुए भ्रष्टाचार की जॉच की ऑच

राज्य में ईडी की पहली कार्रवाई कोयला परिवहन घोटाले की हुई। उस वक्त भी कोरबा जांच का केंद्र बिंदु रहा और इसके बाद डीएमएफ की भी गड़बड़ी पर कोरबा के अफसरो को ईडी ने हवालात के पीछे भेज दिया है। अवैध धन को वैध करने के अपराध की जांच की आंच में नपने जा रहे रहे इने अधिकारियों तक ईडी लगातार दबिश दे रही है। राजनिति के जानकार हलको में यह भी कहा जाने लगा है कि इसकी आखरी कडी उस समय प्रदेश के मुखिया तक जाती है।

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