छत्तीसगढ में राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम सर्वप्रथम पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में छत्तीसगढ के चार जिले रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, एवं राजनांदगांव 2002 में चालू किया गया, दो वर्ष पश्चात 15 अगस्त 2004 में छत्तीसगढ के शेष सभी जिलों के साथ कोरिया जिले में भी कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया, जिसमें कोरिया जिला भी शामिल था, 2020 जनवरी से इस कार्यक्रम का नाम बदल कर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम किया गया, जिसका मुख्य उददेश्य पुरे भारत वर्ष से क्षय का उन्मूलन करना है।
क्षय मुक्त कोरिया की परिकल्पना कर जिले को क्षय मुक्त जिला बनाने हेतु जिले में निरन्तर सघन टी.बी जॉच अभियान चलाया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा संदेहास्पद मरीजों का समुचित जॉच किया जा रहा है ताकि जो भी मरीज समुदाय में निवासरत है उनका जल्द से जल्द से उचित जॉच करके समुचित ईलाज प्रारभ किया जा सकें ।
कलेक्टर कोरिया एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया के मार्गदर्शन में सेन्ट्रल टीबी डीवीजन व स्टेट टीबी सेल रायपुर के गाईडलाईन अनुसार जिले के 69 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त हेतु वेरिफाई किया गया है। ज्ञात हो वर्ष 2022 में कोरिया जिले को राष्ट्रीय स्तर पर टीबी मुक्त जिले हेतु ब्रांज मेंडल एवं सर्टिफिकेट से नवाजा गया है।
जिले के सभी पीएचआई को खखॉर जॉच केन्द्र बना कर खखॉर जॉच की सुविधा उपलब्ध कराना हमारा उददेश्य है, जिले में संचालित एसईसीएल के अस्पताल में खखॉर जॉच की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है, जहॉ निशुल्क खखॉर जॉच सुविधा उपलब्ध है।
जिले में सभी पंजीकृत प्राईवेट नर्सिग होम व निजि प्रेक्टिसनर के द्वारा भी क्षय उन्मूलन हेतु कार्य किया जा रहा है, सभी के द्वारा क्षय मरीजों का नोटिफिकेशन जिले के कार्यालय को प्रदाय किया जा रहा है, सभी निजी चिकित्सक व निजी नर्सिग होम को टी.बी. नोटिफिकेशन देने पर प्रति टी.बी मरीज 500 रूपये प्रोत्साहन राषि दिया जा रहा है एवं आउटकम देने पर 500 रूपय प्रति मरीज प्रोत्साहन राषि दिया जा रहा है।
जिले के सभी केमिस्ट द्वारा भी टी.बी की दवा बेेचे जाने पर नोटिफिकेशन जिला कार्यालय को दिया जा रहा है।
संभावित टी.बी मरीजों की जॉच कराकर टी.बी की पहचान होनेे पर संबंधित मितानिन, स्वयं सेवक, या किसी भी नागरिक प्रति मरीज 500 रूपये सूचना प्रदाता के रूप में शासन द्वारा प्रोत्साहन राषि दिया जा रहा है।
सभी टी.बी मरीज जिनका उपचार चल रहा है उन्हें डी.बी.टी के माध्यम से ‘निक्क्षय पोषण योजना‘ अंतर्गत पोषण आहार हेतु राषि 500 रूपये प्रति माह के आधार पर उनके खाते में दी जा रही है।
जिले के निवासरत सभी टी.बी मरीजों को जॉच एवं ईलाज हेतु आने जाने के लिए 750/- रूपये प्रति मरीज उनके खाते में डी.बी.टी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।
जिले में जनभागीदारी से निक्क्षय मित्र बनाकर मरीजो को पोषण आहार देने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।
टी.बी. मरीजों के लिये डॉटस प्रोवाईडर बनाया जाता है जिनका कार्य टी.बी. मरीजों को दवा खिलाना होता है उन्हे भी प्रोत्साहन राषि के रूप में 1000 या 5000 ( मरीजों के केटेगरी के आधार पर) दिया जा रहा है
सीबीनॉट की जॉच अब जिला अस्पताल मे ही उपलब्ध है व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत व जिला अस्पताल में ट्रुनॉट व सीबीनॉट के माध्यम से सीबीनॉट से मरीजों का टीबी जॉच के साथ मरीजों के दवा रेसिस्टेंट (एमडीआर टीबी ) का पता लगाया जाता है। 2023 में सीबीनॉट ट्रनॉट व माईक्रोस्कोपी से 9936 जिसमें 199 टीबी मरीज एवं 1 रेसिस्टेंट (एमडीआर टीबी ) मरीज पाये गयें जिनका उपचार जारी है।

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