18206 स्मार्ट कार्ड के प्रकरणो में 13 करोड़ 57 लाख 42 हजार शासन से इलाज के नाम पर लिया

चौकाने वाली जानकारी आटीआई से आई बाहर…….कार्यवाई नही तो शिकातकर्ता जायेंगे कोर्ट

कोरिया जिले में स्मार्ट कार्ड घोटाला सिर्फ सरकारी अस्पतालो तक समित नही है बल्कि प्राईवेट हास्पिटलो के द्धारा जमकर घांघली कर सरकार के खजाने को लूटा गया है। आरटीआई से मिली जानकारी में विस्फोटक खुलासे सामने आये हैं। जानकारी देते हुए आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया कि योजना द्वारा पूर्व में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित निजी चिकित्सालय शर्मा हास्पिटल के संचालक डॉ. राकेश कुमार शर्मा के द्वारा 18206 स्मार्ट कार्ड के प्रकरणो में 13 करोड़ 57 लाख 42 हजार शासन से योजना के माध्यम से इलाज के नाम पर लिया गया । इसके बाद शर्मा हॉस्पिटल में स्मार्ट कार्ड में कई किस्म की गड़बड़ियों की शिकायत राज्य स्तर पर हुई । जिस पर राज्य ने टीम गठित कर शर्मा हॉस्पिटल की जांच किया । जिसमें कई तरह के घोटाले घपले उजागर हुए । इसके बाद शर्मा हॉस्पिटल को स्मार्ट कार्ड योजना से ब्लैक लिस्ट कर दिया गया । वहीं पर जांच दल के द्वारा शर्मा हॉस्पिटल पर वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा आज तक धारी की धरी रह गई ।


उन्होंने जानकारी देते हुए बताएं की योजना के संचार के संचालन अंतर्गत सत्र 2017 एवं 2018 में शर्मा हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर की गई धांधली के कारण राज्य नोडल एजेंसी के इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा कई कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था । इसके बाद शर्मा हॉस्पिटल निरीक्षण के दौरान योजना की शर्तों एवं नियमों में घोर अनिमितता पाई गई । इस कारण जांचकर्ताओं ने शिकायतों को सही पाया । जिसमें राज्य नोडल एजेंसी के द्वारा योजना से शर्मा हॉस्पिटल को पृथक करने की अनुशंशा और इन पर कड़ी कार्रवाई को कहा गया था। जबकि जांच दल के द्वारा की गई अनुशंसा पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई यह भी जांच का विषय है । इस सबंध में हमने राज्य नोडल एजेन्सी अयुष्मानभारत जन आरोग्य योजना रायपुर के उप संचालक डॉ. के आर सोनवाली और संचालक स्वास्थ्य सेवाये ऋतुराज रघुवंशी से संपर्क किया किन्तु उनके तरह से कोई जवाब नही मिल सका।

शिकायतकर्ता जायेंगे कोर्ट

आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है इसमें निजी अस्पताल शर्मा हॉस्पिटल के संबंध में जिस तरीके से धांधली किए गए हैं उस पर कार्रवाई राज्य एजेंसी के द्वारा नहीं की गई । इसके बाद शिकायतकर्ता ने कहा कि जल्द ही वह हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट से न्याय की गुहार लगाएंगे ।

यह पाई गई थी कमी

जांच अधिकारियों के जांच के दौरान पाया गया कि नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत शर्मा हास्पिटल में आपातकालीन चिकित्सा सेवा एवं प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों की भारी कमी है एवं उनके द्वारा मरीजों के चिकित्सीय दस्तावेज का संधारण भी नहीं किया गया है जोकि नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्रावधानों का घोर उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

आपरेशन के द्धारा कराये जाते रहे प्रसव

सामान्य प्रसव से काफि अधिक प्रसव ऑपरेशन के द्वारा कराए गए इस संबंध में जांच दल ने आश्चर्य जताते हुए कहां की ऑपरेशन के द्वारा कराए गए प्रसवो की संख्या बहुत अधिक पाई गई है जिसका इलाज स्मार्ट कार्ड से किया गया एवं अत्यधिक ऑपरेशन करने के कारण भी अस्पताल के द्धारा स्पष्ट नहीं बताए गए हैं ।

फर्जी स्मार्ट कार्ड के प्रकरण बना कर लिया पैसा

जांच दल के द्वारा जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जिस स्मार्ट कार्ड के द्वारा मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता था उन मरीजों से भी शर्मा हॉस्पिटल के संचालक के द्वारा अतिरिक्त धनराशि वसूली गई । ऐसे कई सारे मरिजो के नाम आरटीआई से मिली जानकारी में उल्लेखित हैं। जाच दल ने बताया कि शर्मा हॉस्पिटल के द्वारा फर्जी प्रकरण बनाकर स्मार्ट कार्ड से पैसा का आहरण किया गया जो की अपराध की श्रेणी में आता है।

महिलाओ का ईलाज कौन कर रहा जानकारी नही

जांच दल द्वारा अपने सौंप गए रिपोर्ट में बताया कि शर्मा हॉस्पिटल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के तौर पर केवल डॉ. रजनी शर्मा कार्यरत है जिनके ओपीडी रजिस्टर में एक भी मरीज नाम अंकित नहीं होना पाया गया । इस पर जांच दल के द्वारा सवाल किया गया है कि आखिर शर्मा हॉस्पिटल में महिलाओं की ओपीडी कौन देख रहा था ।

जांच दल ने रिपोर्ट में यह दिया निष्कर्ष

राज्य नोडल एजेंसी द्वारा गठित जाच दल के द्वारा सौंप गए अपने रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर या कहा है कि अस्पताल द्धारा जितने स्त्री एवं प्रस्तुति रोग विशेषज्ञ के तौर पर इलाज किया गया है आखिर इन सब का इलाज शर्मा हॉस्पिटल में कौन कर रहा था यह भी अस्पताल से पूछे जाने का विषय है एवं इस पर कड़ी कार्रवाई बनती है।

5 साल कम पड गये कार्रवाई के लिए

लगभग 5 वर्ष भी जाने के बाद भी राज्य नोडल एजेंसी के द्वारा बैकुंठपुर के शर्मा हॉस्पिटल कि घोर अनियमित पर जांच कर सौपी गई रिपोर्ट में की गई अनुशंसाएं धरी रह गई । यह राज्य नोडलएजेंसी के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है । आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा है कि मैं एक बार पुनः प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग से को समस्त दस्तावेज सौंप कर शर्मा हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग करूंगा। यदि कार्रवाई नहीं की गई तो मैं सीधा हाई कोर्ट की शरण में जाऊंगा।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours