कृषि विभाग को दिसम्बर में मिला शिकायत…….06 महिने बाद दुकान को बीज विक्रय से विभाग ने किया प्रतिबंधित
मिलावटी बीज, खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से फसलों के होने वाले नुकसान से किसान हमेशा से परेशान रहे हैं। अपने साथ तमाम धोखाधडी के बावजूद किसान अपनी आवाज नही उठाता है किन्तु अब लगता समय बदल रहा है। एैसा ही एक मामले को लेकर जिले के उप संचालक कृषि, बैकुन्ठपुर को घटिया गेंहू बीज सम्बन्धित शिकायत किसान के द्धारा किया गया।
जिले के रनई के किसान सियाराम साहू ने अपने पत्र में कहा कि मेरे द्वारा दिनांक 25.11.2023 को प्रमोद कृषि केन्द्र छिन्दिया चौक कोचिला से 80 किलो वीगर 111 कम्पनी का गेंहू बीच खरीदा था जिसे 26.11.2023 को मेरे द्वारा अपने खेतो में वो दिया या बीच के गेंहू के बोरे में संलग्न लीफलेट के अनुसार बीज की अंकरण क्षमता 85 प्रतिशत है। लेकिन उक्त गेहू बीज का अंकरण क्षमता खेत में बोये गये बीज के अनुसार 15-20 प्रतिशत है। इस सम्बन्ध में मेरे द्वारा बीज कम्पनी से ईमेल से सम्पर्क किया गया जिस पर पटना क्षेत्र के बीज कम्पनी के प्रतिनिधि गफूर खांन से सम्पर्क कर उनके द्वारा खेत का निरीक्षण किया गया एवं नुकसान की भरपाई करने से इंकार कर दिया गया है। इनके अनुसार इनकी बीज कम्पनी ने पटना क्षेत्र में 100 मीट्रीक टन गेंहू बीज बेचा है कही भी किसी के द्वारा शिकायत नहीं की गई है। ऐसा कहकर मेरी ओर से की गई शिकायत को अमान्य कर दिया गया है।
किसान ने बताया कि उनके द्वारा गफूर खान को फिर से भेजा गया इस बार इनके द्वारा गेहू में उगने वाले खरपतवार जोकि गेंहू का मामा के नाम से जाना जाता है। जो गेंहू के समान ही दिखाई देता है। उसे गेंहू बताया जा रहा है। और इनके द्वारा भी सकरात्मक पहल नहीं की जा रही है। इसके बाद मेरे द्वारा बीज कम्पनी के ईमेल आईडी पर दिनांक 13.12.2023 एवं 17.12.2023 को ईमेल कर जानकारी दी गई है। जिस पर भी अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
किसान ने उप संचालक कृषि अधिकारी से आग्रह किया कि मेरे द्वारा खेतो में से उठाये गये गेंहू बीज आवेदन पत्र के साथ संलग्न की जा रही है। आपके द्वारा अविलम्ब मेरे खेतो का सर्वे एवं आंकलन कराया जाना आवश्यक होगा। एवं बीज कम्पनी से मेरे नुकसान की भरपाई एवं बीज कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही करने की कृपा करें ।
विभाग ने दुकान को बीज विक्रय प्रतिबंधित कर जिम्मेदारी की पूरी
विभाग ने किसान को लिखे पत्र के जवाब में कहा कि आपके आवेदन के उपरांत मेसर्स प्रमोद कृषि केन्द्र छिंदिया चौक कोचिला का जांच किया गया जॉच में पाये गये तथ्यों के आधार पर दिनांक 17.05.2024 द्वारा बीज विक्रय एवं भण्डारण प्रतिबंधित कर दिया गया है। बस इतना करके विभाग ने अपनी जिम्मेदारी निभा दिया।



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