कहीं 70 तो कहीं 150 रुपए फिट के दर से कर रहे हैं बोर खनन

कोरिया जिले में जहां एक और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है वहीं पर क्षेत्र में शासन के तमाम नियमों की शिथितला का लाभ उठाकर धड़ाधड़ बोर खनन कार्य कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन कोरिया के द्वारा वर्ष 2024 में बोर खनन को लेकर कोई नीति न होने की वजह से इस समय बोर खनन कराने वाले एजेंटो के द्वारा लगातार मनमानी किया जा रहा है। किसानो से लगातार शिकायते मिल रही है कि इस समय जिले में बोर खनन वालों की डिमांड इतनी अधिक है कि दो दर्जन से अधिक बोर एजेंट व दर्जन भर से अधिक बोर वाहन होने के बावजूद भी किसानों को अपने खेतों में बोर खनन वालों को एडवांस पैसे देने के बाद भी बोर खनन वाले बोर करने में आनाकानी कर रहे हैं।

एक किसान ने बताया कि रकया में उनके यहां बोर कराया गया जो कि साढे 500 फिट था जबकि 200 फीट के बाद समरसेबल पंप नीचे नहीं जा रहा है इसके बाद उसे एजेंट द्धारा लगातार एक सप्ताह से घूमाया जा रह रहा है। जबकि वहीं पर कई किसानों के द्वारा यह भी शिकायत की जा रही है कि उनके द्वारा 25 से 30 हजार राशि एडवांस के रूप में बोर खनन वाले ले रहे हैं। जबकि समय पर बोर खनन वाहन को नियत स्थान पर नहीं लगाकर किसी दूसरे से पैसा लेकर अन्य स्थान पर बोर किया जा रहा है। इसी को लेकर लगातार क्षेत्र के किसान परेशान नजर आ रहे हैं।

कोरिया जिले में इस बार बोर खनन को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा कोई भी नीति नहीं बनाई गई है। जिस कारण लगातार किसान परेशान नजर आ रहे है । दूसरी ओर बोर एजेटो की मनमानी तरीके से कीमतें वसूली जा रही है। कुछ स्थानों पर बोर 70 फीट तो कुछ स्थानों पर वोट 150 रुपए फिट पर किये जा रहे हैं। जिला प्रशासन के द्धारा बोर खनन के सबंध में कोई नीति नहीं होने के कारण किसानों को लगातार बेवकूफ बनना पड़ रहा है। बेहतर होता कि जिला प्रशासन इस तरह के मनमाने

बोर खनन प्रतिबंध लगाने की मांग

पूरे जिले में गिरते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन से पर्यावरण के सुधी लोगो के द्धारा बोर खनन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। पेयजल व निस्तारित जल के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन को लगातार आगाह किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी मौन साध कर बैठ गया है। राजस्व व कृषि विभाग की अनावरी रिपोर्ट साल दर साल गिरते जल स्तर की बात कहता है।

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