मामला कोरिया जिले के पटना तहसील का…..अब करा सकेगी पति का ईलाज

टीएल में फरियाद लेकर पहुॅची महिला ने कलेक्टर के सामने किया खुलासा

बैकुंठपुर।

कोरिया जिले के पटना तहसील में सरकारी महकमें के जिम्मेदारो की संवेदनहिनता सामने आई है। इन सरकारी जिम्मेदारो ने यह साबित कर दिया कि सरकार किसी की हो इन्हे कोई डर या भय नही है। जिले के तहसील पटना अंर्तगत ग्राम करजी, तहसील निवासी कतवारी लाल विगत डेढ़ साल से कैंसर जिन्दगी की जंग लउ रहा है। उसकी पत्नि अपने पति की जीवन लम्बी करने के लिए उसके पति के हिस्से की भूमि बेचने के लिए पटवारी और तहसीलदार के पास पहॅुची। जहा उसने आवेदन किया कि पत्नी श्यामपति की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। ऐसे में उन्होंने अपने पति के समुचित इलाज के लिए अपने हिस्से के जमीन को बेचकर इलाज कराना चाह रही है। आवेदिका श्यामापति लगातार तहसील कार्यालय, पटना जाकर संयुक्त खाते के जमीन को बंटवारा नामा कराने के लिए लगातार चक्कर लगा रही थी।

बहने भी बनी भाई के इलाज में रोडा

बीमारी से ग्रस्त कतवारी लाल के तीनों बहन नहीं चाहती थी कि जमीन का बंटवारा हो और समय पर इलाज हो, इस बाबत उन्होंने स्थानीय पटवारी योगेश गुप्ता और तहसीलदार उमेश कुशवाहा से सांठगांठ कर मामले को लंबित रखे हुए हैं। तहसीलदार एवं पटवारी की उदासीनता से वे काफी दुखी नजर आई।

अंतिम उम्मीद लेकर पहुॅची थी कलेक्टर दरबार

एैसे में अपनी अंतिम उम्मीद लेकर महिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जन चौपाल में पळुॅची। जहा उसने कोरिया कलेक्टर जोकि खुद महिला है ने पिडित महिला की समस्या बडे ध्यान से सुना। कलेक्टर ने आवेदन को बारीकी से अध्ययन करते हुए फरियादी महिला के आवदेन तत्काल पटना तहसीलदार से इस बाबत जानकारी प्राप्त की किंतु तहसीलदार उमेश कुशवाहा का जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर कलेक्टर नाराज हुई और जमकर फटकार लगाई।

पटवारी और तहसीलदार का सांठगांठ का चिटठा खोला

किंतु इस बार आवेदिका ने कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के समक्ष जन चौपाल पहुंचकर पूरी जानकारी आवेदन के माध्यम से दी। संवेदनशील कलेक्टर ने आवेदन को गंभीरता पूर्वक अध्ययन की और मामले को तत्काल समझ गई। उन्होंने जन चौपाल में ही तहसीलदार उमेश कुशवाहा को जमकार फटकाई लगाई। उन्होंने कहा कि आपको, आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए ही नियुक्त किया गया, जबकि आप लोग खुद समस्या खड़े कर रहे हैं। शासन आप लोगों को हर सुविधा मुहैया करा रही है। पीड़ित दर-दर भटक रही हैं, थोड़े से भी मानवीयता नहीं है, इतना संवेदनहीन बन चुके हो। आवेदिका के पति कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं जबकि तहासीलदार बंटवारानामा तैयार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल इस मामले को निराकरण करने के निर्देश पटना तहसीलदार उमेश कुशवाहा को दिए हैं।

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