बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे ने विधानसभा में किया था मांग
बैकुंठपुर।
बीते दिनों छत्तीसगढ़ के विधानसभा में पूर्वमंत्री व बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े के द्वारा जोर-जोर से सरकारी अस्पताल के डॉक्टरो के द्वारा निजी प्रेक्टिस करने के मुददे उठाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य महकने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी डॉक्टर अब निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम में प्रेक्टिस नहीं कर पाएंगे। इस निर्देश में सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रेक्टिस की अनुमति दी गई है, लेकिन शर्तों के साथ। वे निजी प्रेक्टिस ड्यूटी के दौरान नहीं कर सकते।
इस आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी चिकित्सकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एक सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है। इस आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि सरकारी चिकित्सकों को सरकारी निर्देशों का पालन करना होगा।
बैकुंठपुर के निजी अस्पताल का मामला उठाया था विधानसाभ में
विदित हो कि बैकुंठपुर के शर्मा अस्पताल में जिला अस्पताल के कई बडे डाक्टरो के द्धारा रात के अंधेरे में चोरी छिपे जाकर आपरेशन और हडडी की इलाज करने की खबर आती रही है। और एैसे डाक्टरो द्धारा साठगांठ कर सरकारी अस्पताल में अपनी सेवा देने में आनाकानी की जाती रही है। हद तो यह होती रही कि गर्भवती महिलाओ को जिला अस्पताल बैकुंठपुर में सुबह भर्ती किया जाता था और रात 9 बजे अचानक यह कह दिया जाता था कि हालता बहुत खराब है इसलिए भर्ती महिला को तत्काल बार लें जायें। फिर लोग आधी रात कहा जायें पडोस वाले निजि अस्पताल में । जहा 10 मीनट में डिलेवरी हो जाती थी। इसके बाद अस्पताल द्धारा मोटे बील बनाकर लोगो को लूटा जाता रहा है। जिसको ही लेकर बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे ने शर्मा अस्पताल पर मरिजो को लूटने की बात विधानसभा में कहा था।
बता दें कि, कुछ दिनों पहले ऐसा ही आदेश सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डाक्टरों के लिए भी संचालक चिकित्सा शिक्षा किरण कौशल ने जारी किया था। आदेश के मुताबिक सरकारी डॉक्टर प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम में प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। लेकिन वे अपने ड्यूटी पूरी करने के बाद निजी प्रैक्टिस कर सकेंगे। विशेष सचिव ने सभी संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा आदेश कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डाक्टरों को निजी प्रेक्टिस करने की छूट रहेगी, परंतु केवल कर्तव्य की अवधि के बाहर की जा सकेगी। उन्हें नर्सिंग होम या प्राइवेट क्लीनिक में जाकर इस प्रकार की प्रेक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी। आदेश में कहा गया है कि, निर्देशों का कड़ाई से पालन करने किया जाए।


+ There are no comments
Add yours