महिने में 28 से 30 सामान्य प्रसव के साथ मात्र 6 से 8 रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत में अब तक 1200 से अधिक महिलाएं हो चुके हैं लाभान्वित

बैकुंठपुर।

कोरिया जिले के दूरस्थ अंचल में एक एैसा सीएचसी केन्द्र है जहा पर सुविधा भले ही कम हो किन्तु इच्छाशक्ति एैसी कि यहा पर यहा से महिलाओ को जिला अस्पताल जाने की जरुरत न के बराबर पड रही है। कोरिया जिले के 30 बेडो वाले सोनहत सीएचसी में विगत एक साल से सोनाग्राफी की सुविधा शुरु होने से अब तक 1200 से अधिक महिलाओ को इसका लाभ मिल चुका है। वही पर डिलेवरी के मामले में अस्पताल की छवी भी बेहतर है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सीएचसी सोनहत में प्रतिमाह 160 से 180 सोनोग्राफी एवं 25 से 28 नार्मल प्रसव होते हैं जबकि अस्पताल में आपरेशन की सुविधा और डाक्टरो की कमी के कारण 7 से 8 मरिज प्रसव के लिए जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किये जाते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनहत के ब्लाक मेडिकल आफिसर डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा का कहना है कि हमने सोनहत सीएचसी केन्द्र में ब्लड बैंक की स्थापना सहित एनेस्थीसिया और स्त्री रोग विशेषज्ञ मांग लगातार कई वर्षो से कर रहे हैं यदि ये दो डाक्टर हमे दे दिये जाते हैं तो आपरेशन भी सीएचसी केन्द्र सोनहत में होने लगेगा।

मिल रहा महिलाओ को बेहतर लाभ

महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व पौष्टिक आहार, नियमित दवाईयां आराम करने की सलाह दी जाती है। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा शुरू प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस अभियान के तहत लाभार्थियों को हर महीने प्रसव पूर्व जांच और दवा की सुविधा दी जाती है।

प्राईवेट सोनाग्राफी सेन्टरो की लूट से निजात

दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सोनोग्राफी की सुविधा होने से दूरस्थ अंचल में रहने वाले गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा में बड़ी राहत मिली है। इस सुविधा के चालू होने से महिलाओं को लंबी दूरी तय करनी नहीं पड़ती है, जिससे गर्भवती महिलाओं को शारीरिक रूप से आराम मिलने के साथ, समय की बचत एवं आर्थिक बोझ से राहत मिली है। वही पर प्राईवेट सोनाग्राफी सेन्टरो की लूट से भी महिलाओ को निजात मिली है।

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