भाजपा में बागियो के हौसलें बुलंद…कांग्रेस ने 30 को दिखाया बाहर का रास्ता
जनपदो के बागी भाजपा समर्थित उम्मीदवारो के लिए बने चुनौति
बैकुंठपुर।
जिले में हो रही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं नगर पंचायत चुनाव में दोनों ही प्रमुख दलों में बागियों की भरमार नजर आ रही है। एक ओर कांग्रेस बागियों पर कार्रवाई में भाजपा से कभी आगे नजर आ रही है दूसरी ओर भाजपा जिले भर में बागियों पर कार्रवाई नहीं को करने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली भाजपा कोरिया में सिर्फ जुबानी जुमला नजर आ रहा है। जिले में भाजपा पर बागियों को संरक्षण क्यो दे रही है यह बात राजनिति के जानकारो के समझ से बाहर है। यही कारण है कि बागी प्रत्याशी कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी का समीकरण बिगाड़ रहे हैं। ऐसे में पार्टी के बागियों के खिलाफ कार्रवाई नही होने से इनके समर्थको की संख्या गडती जा रही है। जो आने वाले दिनो में पार्टी की मुश्किल और बढाने वाली है।
जिले में नगरीय निकाय चुनावों मैं भारतीय जनता पार्टी अपनी ताकत झोंक चुकी है मगर बागी प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी का समीकरण बिगाड़ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कई जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्यवाई कर रहे है।
निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने वालो की संख्या करीब 50 बताई जा रही है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नही होने से वर्तमान में जिले में ये निरंकुश होते जा रहे है।
जनपद चुनाव में सबसे ज्यादा बागी
बता दें कि भाजपा ने जनपद चुनाव में सबसे ज्यादा बागी नजर आ रहे हैं। ऐसे में ये पार्टी से बगावत कर भाजपा प्रत्याशियों के लिए चुनाव में मुसीबत बन गए हैं। ऐसे में जहां-जहां भाजपा प्रत्याशी और कांग्रेस बराबर नजर आ रहे हैं वहा ये बागी अपना खेल करते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस ने बागियो का बाहर का रास्ता
नगर पंचायत पटना में होने वाले अध्यक्ष एवं पार्षद पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़े होने पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने अनुशासनहीनता के आरोप में रियाज कुरैशी की पत्नी रैमुन कुरैशी, अमित पाण्डेय, अब्दुल इंसार (इंशु) और वाहिद खान की पत्नी नसीम वाहिद बनो को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ना कांग्रेस के नियमों और सिद्धांतों का उल्लंघन है। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है। यह निष्कासन तत्काल प्रभाव से लागू होगा। नगर पंचायत चुनाव में अनुशासन बनाए रखने और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को समर्थन देने के लिए यह कार्रवाई की गई है। कांग्रेस संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पार्टी अनुशासन का पालन करें और अधिकृत प्रत्याशियों को जिताने में सहयोग करें।

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