कोरिया के 6 कवियों ने लूटा मेहफिल……बांधा शमॉ…..छत्तीसगढ़ी भाषा मंथन में लिया हिस्सा

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बैकुंठपुर।

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का नौवां प्रांतीय सम्मेलन 10 व 11 जनवरी तक सिम्स चिकित्सा महाविद्यालय बिलासपुर के सभागार में छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य विधायक धरमलाल कौशिक विधायक सुशांत शुक्ला महापौर बिलासपुर जिला पंचायत अध्यक्ष जिला बिलासपुर के विशिष्ट आतिथ्य राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक की अध्यक्षा और डॉ. अभिलाषा बेहार के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ । जिसके विभिन्न सत्रों में छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कराने और राजकाज की भाषा में शामिल करने पर विमर्श और प्रयास किया गया। राज्य भर से उपस्थित छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी कविताओं गीतो और छंदों का पाठ किया । कोरिया जिले से साहित्यकार शैलेष तिवारी, हरिकान्त अग्निहोत्री, महर्षि काशी प्रसाद मार्काे, संजय चौहान, राजेन्द्र राजवाड़े, मुकेश कुमार यादव ने अपने काव्यपाठ से सभी को प्रभावित किया।

कोरिया के कवियो ने बेखिरी छटा

अकादमिक चर्चाओं के क्रम में डॉ. परदेशीराम वर्मा की अध्यक्षता में पुरखा के सुरता और नंदकिशोर तिवारी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ी भाषा की महत्ताश् पर गंभीर विमर्श हुआ। इसके पश्चात सरला शर्मा की अध्यक्षता में सोशल मीडिया में छत्तीसगढ़ी की भूमिका और काशीपुरी कुंदन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ी गद्य साहित्य पर विद्वानों ने अपने विचार रखे। प्रथम दिवस का समापन एक ऐतिहासिक कवि सम्मेलन के साथ हुआ, जिसमें 250 से अधिक कवियों ने अपना पंजीयन कराकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। काव्य पाठ के लिए आमंत्रित कोरिया जिले के कवियो ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति और काव्य पाठ से माहौल को शराबोर किया।

छत्तीसगढ़ी भाषा में हुआ गंभीर मंथन

यह आयोजन विवेक आचार्य, (संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा) के मार्गदर्शन में, डॉ. अभिलाषा बेहार, (सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग) के निर्देशन में, डॉ. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में, डॉ. विवेक तिवारी (जिला समन्वयक) और डॉ. राघवेंद्र दुबे के विशेष सहयोग से बिलासपुर इकाई द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में रिकॉर्ड कवि भागीदारी, वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान और 13 नई कृतियों के विमोचन ने इसे ऐतिहासिक बना दिया और पूरा हॉल जय छत्तीसगढ़ जय छत्तीसगढ़ी के घोष से गूंज उठा।

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