शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के 50वें संस्करण मेें केरल ने किया कब्जा
रोमांचक मुकाबले में पेनाल्टी शूट आउट में केरला पुलिस ने सेरसा खड़कपुर को 6-5 से दी मात
एसईसीएल सीएमडी ने चरचा में महाजन स्टेडियम को नेशनल स्तर की बनाने एवं ईनाम को 5 लाख करने की घोषणा
सीएमडी बोले आप योजना बनाइए हम पूरा सहयोग देंगे, कोल उत्पादन 8 से 10 मिलियन टन का लक्ष्य दिया
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के प्रसिद्ध अखिल भारतीय शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के 50वें संस्करण मेें केरल कब्जा करने में कामयाब रही। शनिवार को हुए फाइनल के रोमांचक मुकाबले में पेनाल्टी शूट आउट में केरला पुलिस ने सेरसा खड़कपुर को 6-5 से मात देने में कामयाबी हांसिल किया। इससे पूर्व 50वें अखिल भारतीय शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता सत्र 2025-26 का समापन समारोह चरचा के महाजन स्टेडियम में सम्पन्न हुआ।
इससे पूर्व अतिथियों का छत्तीसगढ़ी शैला नृत्य एवं साल-श्रीफल से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि एसईसीएल बिलासपुर के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन रहे। विशिष्ट अतिथियों में आर.बी. सिंदुर पीएस अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एसईसीएल, विधायक बैकुंठपुर एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भइयालाल राजवाड़े, चिरमिरी महाप्रबंधक अशोक कुमार, बिश्रामपुर महाप्रबंधक डॉ. संजय कुमार सिंह, भटगांव महाप्रबंधक शरद कुमार तिवारी तथा नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जयसवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय महाप्रबंधक बी.एन. झा ने की।

अतिथियों ने स्व. एम.एल. महाजन एवं स्व. टी.एन. शेषन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खान दुर्घटना में मृतकों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा गया। राष्ट्रीय गान एवं टॉस के साथ मैच प्रारंभ हुआ। मैच के 7वें मिनट में सेरसा खड़कपुर के जर्सी नंबर 11 सागर दास ने पहला गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। मध्यांतर तक यही स्कोर बना रहा। दूसरे हाफ में केरला पुलिस ने आक्रामक खेल दिखाया और 18वें मिनट में जर्सी नंबर 20 बृजेश ने शानदार गोल कर मुकाबला 1-1 से बराबरी पर ला दिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद निर्णायक मंडल ने पेनाल्टी शूटआउट का निर्णय लिया।
पेनाल्टी में केरला पुलिस ने 6-5 से रोमांचक जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। केरला पुलिस के गोलकीपर को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।विजेता टीम केरला पुलिस को ट्रॉफी एवं ₹1,50,000 की नगद राशि प्रदान की गई, जबकि उपविजेता सेरसा खड़कपुर को ट्रॉफी एवं ₹75,000 की नगद राशि दी गई। दोनों टीमों को विशेष इनविजिबल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। फाइनल मैच के मुख्य निर्णायक आशिष तिवारी (बिलासपुर) रहे। सहायक निर्णायक पप्पू कुमार एवं प्रभुल कुमार (चरचा), फोर्थ ऑफिशियल भरत कुमार तथा मैच कमिश्नर अनिल कचेर (साउथ ईस्टर्न रेलवे) उपस्थित रहे। पूरे टूर्नामेंट में ग्राउंड एवं फिजियोथेरेपी की जिम्मेदारी मो. रफीक ने निभाई। फाइनल मुकाबले को देखने लगभग 30 हजार दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन समिति द्वारा मैदान, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा एवं अनुशासन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिससे प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार ने अपने-अपने दायित्वों का सफल निर्वहन किया। इस प्रकार 50वां अखिल भारतीय शेषन स्मृति गोल्ड कप अपने स्वर्णिम इतिहास में एक और यादगार अध्याय जोड़ते हुए सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
देशभर की 15 टिमो के बीच हुआ खिताबी भिडंत
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आई 15 सशक्त टीमों ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में खेल उत्सव जैसा माहौल रहा। प्रतियोगिता में वाराणसी, नीमच, बेंगलुरु, दुर्गापुर, खड़गपुर, संबलपुर, नागपुर, हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली, इम्फाल (मणिपुर), रांची (झारखंड), बक्सर (बिहार) सहित मेजबान चरचा (छत्तीसगढ़) की टीमों ने हिस्सा लिया। इन टीमों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को वास्तविक अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया। 14 फरवरी शनिवार को दोपहर में खेले गए फाइनल मुकाबले में केरला पुलिस का सामना सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) से हुआ।
अब तीन गुना होगी विजेता की राशी
सेशन मेमोरियल गोल्ड कप का 50 वर्षों का गौरवशाली इतिहास रहा है और आगामी वर्ष यह प्रतियोगिता 51वें वर्ष में प्रवेश करेगी। सीएमडी ने 51 अंक को शुभ मानते हुए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब तक जो प्रथम पुरस्कार राशि डेढ़ लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर एसईसीएल की ओर से पाँच लाख किया जाता है। यह घोषणा सुनते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
नेशनल स्तर का बनेगा महाजन स्टेडियम
सीएमडी हरिश दुहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाजन स्टेडियम में फुटबॉल अकादमी की स्थापना की जाएगी। स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। मैदान की घास को उच्च गुणवत्ता का बनाया जाएगा। जी.एम. बैकुंठपुर खिलाड़ियों,खेल प्रेमियों, आयोजकों से मिलकर विस्तृत प्रस्ताव 15 दिनों की अवधि में भेजेंगे एसईसीएल उस प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई कर अगले वर्ष तक स्टेडियम को हरा-भरा और नेशनल लेवल का स्वरूप देगा। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूँ कि चरचा की चर्चा पूरे देश में होती रहे। देश-विदेश के खिलाड़ी इस मैदान में खेलने को लालायित रहें। अपने संबोधन में सीएमडी ने कहा कि आप बड़ा सोचिए। जब सोच बड़ी होगी तो परिणाम भी बड़े होंगे। एसईसीएल आपके साथ खड़ा है। आप योजना बनाइए, हम पूरा सहयोग देंगे।
चरचा का फुटबॉल प्रेम की पुरानी पहचान
महाजन स्टेडियम में उमड़ी 30 हजार की ऐतिहासिक भीड़, महिलाओं और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी, देश-विदेश के खिलाड़ियों की उपस्थिति और गोल्डन जुबली वर्ष की गरिमा ने यह प्रमाणित कर दिया कि चरचा केवल कोयला नगरी नहीं, बल्कि खेल नगरी भी है एसईसीएल की इन घोषणाओं के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वर्षों में चरचा का फुटबॉल राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा और सच मायनों में चरचा की चर्चा पूरे देश में होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विगत 62 वर्षों से चरचा कॉलरी देश की ऊर्जा आपूर्ति में निरंतर योगदान दे रही है। यहाँ का कोयला और खदान दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में उत्पादन लक्ष्य को 8 से 10 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। चाहे कोयले का उत्पादन हो या फुटबॉल का खेल चरचा की चर्चा होनी चाहिए।

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