21वी सदी का विकास…….वाह रे सरकार…….वादे कीचड़ से सनती ग्रामीणों की जिंदगी……टीहाईपारा की मुसीबती जानलेवा सडक से अजीज आ चुके ग्रामिण बोले मोदी के 14 साल बाद भी नही मिला विकास गायब
बैकुंठपुर।
21वी सदी का विकास अब गाथा बनता जा रहा है जो सिर्फ नेताओ के जुमलो में ही दिखता है। कोरिया जिले बैकुंठपुर जनपद के टीहाईपारा की मुसीबती जानलेवा सडक से अजीज आ चुके ग्रामिण अब मुखर होकर केन्द्र की मोदी और राज्य की साय सरकार से तंग आ चुके ग्रामिा बोले कि प्रधानमंत्री मोदी कोे 14 साल होने के बाद भी अब तक हमारे क्षेत्र से मोदी जी का विकास गायब है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग से मांग की है कि टीहाईपारा की सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत अथवा निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस बदहाल सड़क को राहत मिल पाती है।
कैसे चलंे सडक पर बताए जिम्मेदार
मामला कोरिया जिले की बैकुंठपुर जनपद के ग्राम पंचायत कसरा के वार्ड क्रमांक 13 स्थित टीहाईपारा की सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी ही नही जी का जंजाल बना हुआ है। लगातार बारिश के बाद सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है और वाहन तो दूर, इस किचड भरी सडक से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामिण बोले नेताओ के वादे खोखले
टीहाईपारा के ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 8 दशक में न जाने कितने चुनाव बीत गए हर चुनाव में नेताओ के चुनाव के समय जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य और सरपंच पद के प्रत्याशियों ने गांव की सभी सड़कों को बेहतर बनाने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उन वादों पर अमल होता दिखाई नहीं दे रहा है।
जानलेवा बनी सडक पर सिर्फ फिसलन
मौके की तस्वीरें सड़क की बदहाल स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। कीचड़ से लथपथ मार्ग पर स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि जिला पंचायत सदस्यों द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से ग्राम पंचायतों में टैंकरों का वितरण कराया जा रहा है। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी राशि का उपयोग आवश्यकता वाले स्थानों पर सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य में किया जाता, तो लोगों को आज इस प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
भाडी नाली निमार्ण कांड की र्चचा यहा भी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में कई निर्माण कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे हैं और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीणों ने भाड़ी में निर्माणाधीन नाली कार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। बाद में संबंधित पक्ष द्वारा सुधारात्मक कार्य किए जाने की बात सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि टीहाईपारा की सड़क लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति से गांव का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।


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