तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
बेहतर इलाज से मिर्गी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। मिर्गी इलाज सिर्फ चिकित्सा विज्ञान से ही संभव है, किसी झाड़-फूंक से नहीं। मिर्गी मस्तिष्क का एक पुराना विकार है जिसमें पुनरावर्ती दौरे या फिट पड़ते हैं। इसकी जानकारी देते हुए सीएमएचओ डा. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि मिर्गी रोग के इलाज में धैर्य आवश्यक होता है यह इलाज तीन से पाँच वर्ष तक चल सकता है।मिर्गी रोग साध्य है, बशर्ते इसका उपचार पूर्ण रूप से कराया जाए। अनेक बीमारियों में मिर्गी जैसे दौरे आ सकते हैं और मिर्गी के सभी मरीज एक जैसे भी नहीं होते।
क्या है मिर्गी
मिर्गी मस्तिष्क का एक पुराना विकार है जिसमें पुनरावर्ती दौरे या फिट पड़ते हैं। मिर्गी (एपिलेप्सी) एक तरह का जटिलरोग है जिसमें व्यक्ति की मस्तिष्क की कोशिकाओं (नयूरांस) में अचानक, असामान्य व अत्यधिक विद्युत संचार होने पर दौरा पड़ता है। दौरे के समय व्यक्ति का दिमागी संतुलन पूरी तरह से बिगड जाता है और उसका शरीर लड़खड़ाने लगता है। इसका प्रभाव शरीर के किसी एक हिस्से पर देखने को मिल सकता है, जैसे चेहरे, हाथ या पैर पर।
होता है असर
मिर्गी दिमाग में रक्त के संचरण अथवा तंतुओं में किसी प्रकार के विकार के कारण होता है।यह रोग पाचन क्रिया में गड़बड़ी के कारण होता है तथा इसके और भी कई कारण हो सकते है। आमतौर पर मस्तिष्क की क्षति जैसे जन्म पूर्व या प्रसव कालीन चोट, जन्मजात असामान्यता, मष्तिष्क में संक्रमण, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, सिर में चोट, बचपन में लंबे समय तक बुखार आदि मिर्गी के कारण होते है। अत्यधिक शराब का सेवन करना, किसी प्रकार से सिर में चोट लग जाना, कोई बहुत बड़ा सदमा हो जाना, मानसिक तनाव आदि तथा मन में किसी प्रकार का डर बैठ जाना।
विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार दुनिया भर में 50 मिलियन लोग मिर्गी से प्रभावित हैं, जिन में से लगभग 80 फिसद विकासशील देशों में रहते हैं इस रोग का इलाज हो सकता है परन्तु लोगों को उपचार उपलब्ध नहीं है, केवल भारत में ही 10 मिलियन लोग इस रोग से ग्रसित हैं।
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