तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिले में आधा दर्जन से भी अधिक दर्शनीय स्थल हैं। जहा पिकनिक स्थलों पर हर रोज सैकडो लोग पहुंचते रहते हैं। इनमें से कुछ ऐसे स्थल हैं जहां सामान्य दिनों की तुलना में जनवरी के प्रथम सप्ताह में खतरा काफी बढ़ जाता है। वन विभाग व जिला प्रषासन के अधीन आने वाले इन स्थलों पर कुछ प्रबंध भी किए गए हैं जो पर्याप्त नहीं हैं। इसके बाद भी इन स्थलों पर पहंुचने वाले युवा जोश में होश खो बैठते हैं जिसका परिणाम बहुत बुरा होता है। ऐसे में युवाओं को इन स्थलों पर जाने पर सतर्कता बरतनी जरूरी है।
विदित हो कि गत 28 दिसम्बर को कलेक्टर कोरिया एसएन राठौर ने नववर्ष पर 3 जनवरी तक के लिए धार्मिक व पर्यटन स्थलों के सतत निरीक्षण एवं निगरानी तथा कानून व्यवस्था लोक सुरक्षा एवं लोक स्वास्थ्य, बनाये रखने के संबंध में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के सयुंक्त निगरानी दल का गठन कर उनकी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इतना बड़ा हादसा हो गया। जो कि कहीं ना कहीं प्रशासनिक चूक को दर्शाता है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित व लापरवाह सयुंक्त निगरानी दल पर जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है? कलेक्टर कोरिया द्वारा गठित कार्यपालिक दण्डाधिकारी की अलग-अलग टीम जो प्रमुख पर्यटन स्थल पर 3 जनवरी तक शांति व्यवस्था बनाने तैनात थी। उनमें झुमका बोट क्लब, वेस्ट वियर एवं ऑक्सीजोन पर्यटन स्थल पर तहसीलदार ऋचा सिंह, सिटी कोतवाली प्रभारी केके शुक्ला एवं आबकारी उप निरीक्षक विजिता रानू भगत की ड्यूटी लगी थी।
अमृतधारा जलप्रपात पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ विप्लव श्रीवास्तव, पुलिस चैकी नागपुर प्रभारी सुबल सिंह एवं आबकारी उपनिरीक्षक वेद प्रकाश इन्दुआ, गौरघाट एवं बालम पहाड़ पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार विभोर यादव, थाना सोनहत प्रभारी जेआर बंजारे एवं आबकारी उपनिरीक्षक विजिता रानू भगत की ड्यूटी लगी थी। वहीं जटाशंकर गुफा पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार केल्हारी राममिलन शर्मा, थाना केल्हारी प्रभारी जनक राम कुर्रे एवं आबकारी उपनिरीक्षक वेद प्रकाश इन्दुआ की टीम निगरानी करने तैनात थी।
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