तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोरिया कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे ये सुनिश्चित बनाएं कि 0-5 वर्ष आयु वर्ग के कोई भी बच्चा बिना पोलियो खुराक के छूटे। उन्होंने कहा कि यद्यपि हमारा जिला पोलियोमुक्त हो चुका है फिर भी प्रत्येक बच्चों को पोलियो से मुक्त रखने के लिए निरंतर सघन प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए अप्रवासी लोगों विशेषकर जिले के सीमावर्ती एवं औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिकों पर विशेष नजर रखते हुए यहां के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित बनाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आज आरंभ हुए पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण में 0-5 आयु वर्ग के 90 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। यह अभियान 2 फरवरी तक जारी रहेगा। खडगवा में विभाग के जिला स्वास्थ्य सलाहकार डाॅ प्रिंस जायसवाल ने कार्यक्रम का आरम्भ किया।
कब शुरू हुआ पल्स पोलियो अभियान
भारत में डब्ल्यूएचओ वैश्विक पोलियो उन्मूलन प्रयास के परिणाम स्वरूप सन् 1995 में पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम आरंभ किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोलियो समाप्त होने तक हर वर्ष दिसंबर और जनवरी माह में ओरल पोलियो टीके की दो खुराक दी जाती हैं।
क्या बोले सीएमएचओ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है। सीएमएचओ कोरिया का कहना है कि भारत में पड़ोसी देशों से बड़ी तादाद में लोगों का आवागमन है। खासकर पडोसी देषो में पोलियो की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पोलियो वायरस दूसरे देशों से आने की संभावना बनी रहती है। इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए घर-घर जाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग पोलियो वायरस का खात्मा हो चुका है। जिले में करीब 90 हजार बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य दिया गया हैA
as

+ There are no comments
Add yours