2 विभागों की लापरवाहियों का नतीजा हजारों पौधे हुए जलकर खाक

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


अज्ञात कारणों से लगी आग के कारण कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के घुघरा ग्राम पंचायत में स्थित उद्यान विभाग घुघरा नर्सरी एवं कोरिया वनमंडल के देवगढ़ वनपरिक्षेत्र के बीट कटगोड़ी के कक्ष क्रमांक 416 में व्यापक नुकसान होने की बात सामने आ रही है । इस दौरान जहां उद्यान विभाग नर्सरी के प्रभारी ने बताया कि नर्सरी में लगेे आम अमरूद एवं आंवले के लगभग 750 पौधे जलकर खाक हो गए। जोकि लगभग 2 हेक्टेयर में लगे हुए थे। वहीं पर दूसरी ओर वन विभाग 5 हेक्टयर में लगी नीलगिरी के प्लांटेशन में आग ने जिस तरीके से क्षति पहुंचाई है।

उसकी पूरी जानकारी तो वन विभाग आकलन अभी पूरा नहीं कर पाया है किंतु इस दौरान बताया गया कि बुधवार की दोपहर 1.30 बजे लगी आग को वन अमला समेत राजस्व के कुछ अधिकारियों के सहयोग से आधी रात तक बुझाने का कार्य किया जाता रहा । इस दौरान अभी तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इस आगजनी की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई जा सकी है । दूसरी ओर बताया तो यह भी जा रहा है कि आग ग्रामीणों के द्वारा ही लगाई गई इस दौरान वन विभाग के जानकारों का कहना है कि आग या तो महुआ बीने वाले लोगों ने लगाया है या फिर खरगोश पकड़ने वाले ने।

इस दौरान देवगढ़ वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर का कहना है कि मैंने जंगल से खरगोश पकड़ने वाले जाल को बरामद किया है किंतु वह भी इस बात को स्पष्ट तौर पर नहीं बता पा रहे हैं कि आग लगी कैसे । इस बात के केवल कायास ही लगाये जा रहे हैं। इस दौरान इनके द्वारा भी सिर्फ लोगों पर संदेश जताकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर दिया गया। दूसरी ओर घुघरा में उद्यान विभाग के द्वारा करोड़ों की लागत से बनाए गए नर्सरी की बदहाली भी सामने आई । जहां पर नर्सरी में दो-दो बोर होने के बावजूद भी नर्सरी प्रबंधकों के द्वारा आग पर काबू नहीं किया जा सका और यहां के 5 एकड़ में लगे पौधे जलकर पूरी तरीके से खाक हो गए।

जाहिर सी बात है कि दोनों विभाग की लापरवाही का ही नतीजा है लगातार यह देखने में आ रहा है कि ग्रामीणों के द्वारा महुआ बीनने के चक्कर में जंगलों में आग लगाने की घटना इस समय काफी तेजी से बढ़ती है। इसलिए वन विभाग एवं वन प्रबंधन समिति के लोगों की जिम्मेदारी और जवाबदेही इस दौरान काफी बढ़ जाती है किंतु यह स्पष्ट तौर पर देखने वन विभाग के लोगों के द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन उचित तरीके निभाई जाये। लगातार वन क्षेत्रों में लोगों के द्वारा आग लगाने की घटना को अंजाम दिया जा रहा है

लाखों के पेड़ पौधे जले
क्षेत्र के धुघरा जंगल में बुद्धवार की दोपहर अबूझ हाल में आग लग गई जिससे विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। वन विभाग की टीम ने घंटों मशक्कत कर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तेज हवा चलने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना में कई पेड़ और पौधे जलकर नष्ट हो गए। अधिकारियों ने बताया कि हवा कम होने पर ही पेड़ पौधों की हरी डालियों से पीटकर आग बुझाई जा सकी ।

लोगो की आषंका कुछ और
देखते आग ने कई एकड को अपने आगोश में ले लिया और जंगल धू धू कर जलने लगा। आग की लपट लगने पर जंगली जीव अपनी अपनी जान बचाकर भागने लगे। ग्रामीणों के अनुसार घुघरा में आग लगने की यह तीसरी घटना है। आग की इस घटना में लाखों के पेड़ पौधे जलकर खाक हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि पौधरोपड़ में हुई गड़बड़ी उजागर न हो, इसके लिए जंगल में आग लगा दी गई होगी। जंगल में जिस स्थान पर आग लगी है वहां फायर ब्रिगेेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है।

वर्जन……..
हम लोगों ने राजस्व विभाग के सहयोग से बड़ी मुश्किल से देर रात तक आग पर काबू पाने का कार्य किया । जबकि इस दौरान हमने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को फोन करके भी आग बुझाने में सहयोग मांगा। किंतु किसी ने आग बुझाने में हमारी मदद नहीं की । जबकि सोनहत के एसडीएम समेत कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ।
प्रमोद तिवारी – डिप्टी रेंजर वन परीक्षेत्र देवगढ़

हमने आग पर काबू पाने का प्रयास किया । दोपहर 1.30 बजे तेज हवा के झोंकों के साथ आग की लपटें इतनी तेज थी कि इस पर काबू नहीं पाया जा सका और इस दौरान नर्सरी के 750 पौधे पूरी तरीके से आग की चपेट में आ गए। दूसरी ओर हमने फायर ब्रिगेड को भी तत्काल इसकी सूचना दी किंतु फायर ब्रिगेड 1 घंटे बाद मौके पर पहुंचा तब तक आग से नर्सरी खाक हो चुकी थी।
नरेन्द्र राजवाड़े – नर्सरी प्रभारी घुघरा

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