तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग सुतुरमूर्ग बन गया है। जिले में इस समय जब जिले के सीएचएमओ और सीएस अपने आपको कोरोना के संक्रमण से नही बचा सके एैसे में आम लोगो की हैसियत ही क्या है। कोरोना जैसे विष्वव्यापी बीमारी से महफूज रहे सके। जिले में दो आला स्वास्थ्य अफसरो के सं्रमकण के बाद जिले की स्वास्थ्य विभाग को आक्सीजन झोलाझाप डाक्टरो न दिया है। एैसे ही एक मामले में खडगवा के एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके सम्पर्क में आये गाॅव के दर्जनो लोग एक साथ संक्रमित हो गये। जिससे गाॅव समेत प्रषासन में हडकंप मच गया और आनन फानन में प्रषासन की टिम ने झोलाझाप को झोला समेत धर दबोचा ।

इस सबंध में खडगवा के नायाब तहसीलदार और जाॅच अधिकारी भगवान दास कुशवाहा ने बताया 35 प्रकार की अंग्रेजी दवाई सील की गई एवं झोलाछाप डॉक्टर राजू राय पिता अरविंद राय निवासी प्रेम नगर जिला सूरजपुर के द्वारा बिना अधिकार के अंग्रेजी दवाओं से इलाज किया जा रहा था । जिस पर कार्यवाई करते हुए नायाब तहसीलदार बीडी कुशवाहा और डॉक्टर पुष्पेंद्र बर्मन स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा क्लीनिक में रखी दवाओं की सूची बनाकर सील किया अग्रीम कार्यवाही हेतु बीएमओ खडगवा को प्रतिवेदन भेजा दिया।

बताया ज रहा है कि इससे पहले सुरेश को बुखार आता था। जिसका इलाज स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर राजु राय निवासी देवाडांड से कर रहा था । कुछ दिन तबीयत ठीक रहा फिर दोबारा बुखार आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंडगवां पहुंचा। इस दौरान जाॅच में सुरेश कोरोना पॉजिटिव पाया गया और उसे कोविड-19 हॉस्पिटल चर्चा रेफर कर दिया गया। जहा 2 दिन के बाद उसकी मृत्यु 22 अप्रैल होने की बात सामने आ रही है।

इस दौरान षुक्रवार को ग्राम सलका में 14 लोग पॉजिटिव पाए गए है। सुरेश मौत के बाद पीएससी सलका से स्वास्थ्य अमला, तहसीलदार पुलिस बल के साथ राजू राय के डिस्पेंसरी पहुंचकर डिस्पेंसरी को सील किया गया । सुरेश के कोरोना से मृत्यु के बाद अब ग्रामीण टेस्ट करवाने हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं साथ ही साथ ष्षुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आए मरीजों के प्राइमरी कांटेक्कांटेक्ट में आए लोगों का जांच किया जा रहा है। विदित हो कि विकासखंड खडगवा सहित जिले भर में ऐसे 4 सौ से अधिक झोलाछाप डॉक्टर हैं जो आज भी लोगों के घर पहुंच कर धड़ल्ले से लोगो का ईलाज कर रहे हैं।
स्वास्थ्यकर्मी भी नही ईलाज करने में पीछे
और तो और ऐसे कई स्वास्थ्य कर्मचारी भी हैं जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत होने के बावजूद लोगों के घर-घर जाकर इलाज कर रहे हैं और मोटी रकम वसूल रहे हैं और मुफ्त में कोरोना फैला रहे हैं। जिले भर केग्रामिण क्षेत्रो में तमाम एैसे स्वास्थ्यकर्मी हैं अधिकार नही हाने के बाद भी लोगो के बडे से बडे बीमारीयो का ईलाज करने से गुरेज नही करते हैं। जरुरत है इन लोगो पर पर भी कडी कार्यवाई करने की।
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