स्पर्श क्लिनिक,तनाव मुक्ति का केन्द्र माह सितंबर में 60 की संख्या में सामने आये मामले मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिये बातचीत आवश्यक- डा. शुभाशीष करन

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

मानसिक रोगों के साथ अक्सर गलत भ्रांतियां जुडी होती हैं जैसे मानसिक रोगियों के साथ भेदभाव करना, उनको पागल बताना एवं जानकारी का आभाव होने के कारण ऐसे लोग उपचार के लिए नहीं आते हैं और मानसिक तकलीफ को दूसरों को बताते भी नहीं हैं। लेकिन मानसिक रोग का अगर शुरू में ही उपचार हो तो रोगी पूरी तरह से ठीक हो सकता है और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। स्पर्श क्लिनिक द्वारा काउंसलिंग कर ऐसे लोगो को तनाव से बचने के आवश्यक उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।
इसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को एक नई गति प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत मीनिया सिक्जोफ्रेनिया, तम्बाकू और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल, और डिप्रेशन के मरीजों का नियमित इलाज सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो का पालन करते हुये किया जा रहा है।
डा. शुभाशीष करन, नोडल अधिकारी, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बताया,” मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिये बातचीत आवश्यक है। माह सितंबर के दौरान कुल 60 लोगो की काउंसलिग गई है। जिनमें 44 नये रोगी और 14 पुराने रहे ।रोगी आकर अपने मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को बताते है जिसके अनुसार उनका उपचार या काउंसलिंग की जाती है। जिला चिकित्सालय में स्थापित स्पर्श क्लीनिक में माह सितंबर में जिन लोगो का उपचार या काउंसलिंग की गयी उनमें आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास के 01, पेनिक डिसआर्डर के 04, शराब के आदी 08, सायकोसिस के11, न्युरोसिस के 06, रोगियों सहित अन्य मानसिक रोगी थे।“
सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किसी भी प्रकार के मानसिक रोग के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में स्पर्श क्लिनिक के माध्यम से आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास के रोगी,तम्बाकू के नशे के आदि, शराब के आदी, तनाव ग्रस्त, सायकोसिस, न्युरोसिस के रोगियों सहित अन्य मानसिक रोगी को निशुल्क परामर्श प्रदान की जा रही है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे 2015-16 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 11.66 % लोग मासिक रोगों से पीड़ित हैं और 14.06% लोग जीवन काल में किसी प्रकार के मानसिक विकार से ग्रसित होते हैं| इन में तबाकू खाने के आदि 29.86% और शराब पीने के आदि 7.14 % लोग हैं|
आत्महत्या का जोखिम 0.28% लोगों में है जबकि नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो 2014 के अनुसार छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर 22.4 प्रति 100,000 थी जो 2018 में बढ़कर 24.7 प्रति लाख हुयी|
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्पर्श क्लीनिक डिप्रेशन या किसी भी प्रकार के मानसिक रोग के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में है । रोगियों का नाम गुप्त रखा जाता है और सभी सेवाएं निशुल्क दी जाती हैं स्वास्थ्य सेवाओं व मानसिक रोग से संबंधित जानकारी हेल्प लाइन नंबर.104 में डायल कर प्राप्त किए जा सकते हैं।

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