भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा – महिलाओं की उन्नति व सुरक्षा के मामले में प्रदेश सरकार का कलंकित कार्यकाल हमेशा कोसा जाएगा

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा है कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार महिलाओं की उन्नति, सुरक्षा और स्वावलंबन के मोर्चे पर तो बुरी तरह विफल रही ही है, लगातार बढ़ रही दुष्कर्म और घरेलू हिंसा की वारदातों के चलते महिलाओं के आत्म-सम्मान को भी इस सरकार की कार्यप्रणाली ने लहूलुहान किया है। श्रीमती राजपूत ने कहा कि महिलाओं के साथ बलात्कार के शर्मनाक मामलों और दुर्व्यवहार की घटनाओं में कांग्रेस नेताओं के परिजनों अथवा करीबियों की संलिप्तता के चलते महिलाओं के साथ अपराध करने वाले तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिला।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने दो साल के शासनकाल में नारी-सशक्तिकरण का केवल ढिंढोरा ही पीटा और उनके साथ कदम-कदम पर छलावा ही किया। श्रीमती राजपूत ने कहा कि प्रदेश की मातृ-शक्ति का राजनीतिक शोषण करने वाली कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार शराबबंदी का वादा करके उस पर अमल करना तो दूर, खुद शराब के कारोबार की कोचिया बनकर घर-घर शराब बिकवाने में लगी है। प्रदेश सरकार ने शराब के इस कारोबार के लिए तो कोरोना-संक्रमण और लॉकडाउन की गाइडलाइन तक को ताक पर रखने से परहेज नहीं किया, जबकि आँकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कोरोना काल में महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा और वहशियाना अपराधों में बेतहाशा इजाफा हुआ, लेकिन प्रदेश का महिला आयोग भी मूकदर्शक बना बैठा है। पूरे प्रदेश में नाबालिग बच्चियों से लेकर महिलाएँ तक दुष्कर्म/सामूहिक दुष्कर्म की शिकार होती रहीं, लेकिन आपराधिक तत्वों को सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक संरक्षण और प्रदेश सरकार वर पुलिस तंत्र के नाकारापन के चलते महिलाओं की सुरक्षा के तमाम दावे खोखले ही साबित हुए।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती राजपूत ने कहा कि आदिवासी समाज के नाम पर सियासत करने में लगी इस प्रदेश सरकार के शासनकाल को महिलाओं की उन्नति व सुरक्षा के मामले में एक कलंकित कार्यकाल के तौर पर हमेशा कोसा जाएगा, जिसमें आदिवासी समाज की बच्चियाँ व महिलाएं लगातार अपहरण कर दरिंदगी की शिकार बनाई जाती रहीं और प्रदेश सरकार के मंत्री शिव डहरिया दरिंदगी की इन वारदातों को छोटी घटना बताकर महिलाओं के प्रति दूषित नजरिए का परिचय देने में लगे रहे। श्रीमती राजपूत ने कहा कि महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने तो एक कदम आगे बढ़कर यह तक कह दिया कि प्रदेश की युवतियाँ पहले तो लिव-इन में रहकर शारीरिक संबंध बनाती हैं और बाद में बलात्कार का मामला दर्ज कराती हैं। मंत्री डहरिया और महिला आयोग अध्यक्ष के बयानों ने प्रदेश की मातृ-शक्ति के आत्म-सम्मान से शर्मनाक खिलवाड़ किया ही, लेकिन हैरत की बात तो यह है कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महिलाओं को लेकर टिप्पणी करते समय अपने पद की गरिमा और भाषायी मर्यादा तक भूल बैठते हैं।

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