कोरोना के बाद बर्ड फ्लू से लोगो में दहषत, मास्क है कारगर……सड़क किनारे फेंके गए मुर्गियों को दफनाया

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

पिछले 9 महीने से कहर बरपा रहे कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू के खतरे से लोग सहम गई है। आ रही खबरो पर यकिन करें तो कोरोना और बर्ड फ्लू दोनों बीमारियों में गहन समानता है। इन दिनों कोरोना के साथ ही बर्ड फ्लू को लेकर दहशत बढ़ रही है। इसको लेकर कोरिया जिले में भी इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना और बर्ड फ्लू के लक्षणों में काफी समानता मिलने पर चिकित्सकों ने विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि दोनों बीमारियों में खांसी, सांस में दिक्कत एवं गंभीर निमोनिया हो सकता है। मेडिकल कॉलेज से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक में अलर्ट जारी किया गया है।


चिकित्सकों ने मुर्गीपालन केंद्रों एवं पक्षियों से दूर रहने की सलाह दी है। चिकित्सकों ने मटन बाजार से भी दूरी बनाने को कहा है। डॉक्टर प्रिंस जायसवाल ने पक्षियों खासकर चिकन खाने से बचने के लिए कहा है। स्वाइन फ्लू में एच1 एन1 वायरस होता है जबकि बर्ड फ्लू में एच5एन1 है।


ये दोनों वायरस मनुष्यों में संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि बर्ड फ्लू होने की आशंका कम होती है लेकिन सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल बुखारों वाले मौसम में समान लक्षणों की वजह से इस बीमारी की पहचान करने में देरी हो सकती है। यह वायरस सांस की नलिकाओं में सूजन और गंभीर निमोनिया बनाता है। पक्षियों से यह वायरस मनुष्यों में संक्रमित हो सकता है।


डॉक्टरो की माने तो मास्क स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू से भी बचाव करेगा। उन्होंने बताया कि यह वायरस सांस एवं मुंह के रास्ते शरीर के भीतर प्रवेश करता है।
जिले में बर्ड फ्लू के जांच की सुविधा भी नहीं है, ऐसे में बीमारी को पकड़ने में चूक हो सकती है। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पशुपालन विभाग की टीमें भी बर्ड फ्लू के संक्रमण को रोकने की तैयारी में जुटी हैं।

सड़क किनारे फेंके गए मुर्गियों को दफनाया गया

बीती रात मनेंद्रगढ़ के नेशनल हाईवे पर शहर के बाहर कोल्ड स्टोरेज के पास गड्ढे में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा 41 कड़कनाथ मुर्गे मुर्गियों फेंके जाने की खबर से जहां जिले भर में हड़कंप मच गई । वहीं पर पशु विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर सुबह जब मामले के छानबीन की इस संबंध में पशु विभाग के प्रभारी उपसंचालक ने बताया कि बाहर के किसी वाहन के द्वारा बाहर से लाए जा रहे हैं कड़कनाथ मुर्गियां आपस में दब जाने के कारण मरने की वजह से वाहन चालक द्वारा संक्रमण ना फैलने के उद्देश्य सड़क के किनारे गड्ढे में फेंक दिया । इस पूरी कार्रवाई के बाद बर्ड फ्लू के तय नियम के अनुसार विधि पूर्वक दफनाया गया । इस दौरान मनेंद्रगढ़ एसडीएम भी मौके पर मौजूद रहे।

मनुष्य में बर्ड फ्लू की जांच


यदि किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी जांच कैसे हो इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग में भी पूरी तरीके से जानकारी का अभाव नजर आ रहा है । इस संबंध में जिला अस्पताल बैकुंठपुर के अस्पताल अधीक्षक डॉ सुनील गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी जांच दो तरीके से की जाती है और दोनों तरीके वैसे ही है जैसे कोरोना की जांच की जाती है और इसके सैंपल को एक विशेष बॉक्स में रख रायपुर भेजा जाता है जहां पर उसकी जांच की जाती है।

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