तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
क्षेत्र में अवैध ईंट बनाने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसके चलते अवैध ईंट बनाने वालों के हौसले बुलंद हैं। कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर सहित आसपास क्षेत्र में सैकड़ों अवैध ईटा भठ्ठा का संचालन किया जा रहा है। वहीं कार्यवाही नहीं होने की वजह वहीं खनिज विभाग पूरी तरह कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है। कलेक्टोरेट से 2 किलो मीटर के दायरे में ही दर्जनो अवैध रूप से ईटा भठ्ठा का संचालन किया जा रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्यवाही नहीं हो रही है जिसे लेकर ग्रामिणो में आक्रोश व्याप्त है।
बैकुन्ठपुर सहित वनांचल सहित शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से ईंट भट्ठे का संचालन किया जा रहा है। ईंट निर्माण करने वाले ठेकेदार खनिज विभाग में अनुमति के लिए आवेदन भी लगाए हैं लेकिन खनिज विभाग द्वारा अब तक किसी प्रकार से अनुमति नहीं दिया गया है, क्योंकि शर्तें पूरा करने के लिए जो दस्तावेज मांगा जाता है वह पूरा नहीं हो पाता। इसी के चलते काफी संख्या में लोग बिना अनुमति लिए ही अवैध तरीके र्से इंट भट्ठे का संचालन शुरू कर देते हैं।
नदी के किनार्रे ईंट बनाए जाने के बाद इनकी दिशा ही बदलने लग गई है। गौण खनिज अधिनियम के तहत कोई भी ईंट का निर्माण लिगल तौर पर नहीं कर सकता है। खनिज नियम के तहत कुछ ही लोगो को ईंट निर्माण के लिए परमिशन दिया गया है। इसके बाद भी जिले में 300 से अधिक छोटे-बडे ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को भी है, लेकिन किसी प्रकार से कार्रवाई नहीं की जाती है। ईंट निर्माण वनांचल में भी तेजी से हो रहा है। कठोर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण संचालकों के हौसले बूलंद होते जा रहे हैं। एक ही भट्ठे के पास आधा दर्जन से अधिक ईंट भट्ठे दिखाई देते हैं, इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
गांव में फैल रही जहरीली हवा
मूलतः इस ईंट को पकाने के लिए उच्चस्तरीय कोयले का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन राशि बचाने के चक्कर में यह अवैध निर्माता ईट को घटिया कोयला व लकड़ी से पकाते हैं। इस वजह से इससे उठने वाला धुआं पर्यावरण सहित लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालता है। इस तरह से कई भट्ठे आबादी क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है, इससे लोगों के स्वास्थ्य बुरा असर पड़ रहा है।
बेखौफ होकर कर रहे निर्माण
वन क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, राजस्व जमीन सहित सभी जगहों पर अवैध रुप से ईंट भट्ठे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए ठेकेदार न तो वन विभाग से परमिशन लिया है, न ही पंचायत से न ही तहसील कार्यालय से। कहीं से भी परमिशन नहीं लेने के बाद भी क्षेत्र में अवैध तरीके से ईंट निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद भी अधिकारी इन पर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं। खनिज व राजस्व विभाग से बिना अनुमति लिए नियम कानून को ताक में रखकर सरकारी व निजी जमीन में अवैध तरीके से बेरोकटोक ईंट बनाने का धंधा बेखौफ जारी है।
कर रहें हैं मनमानी
बैकुन्ठपुर सहित अन्य क्षेत्रो में संचालित ईंट भट्ठा संचालकों ने खनिज विभाग से एनओसी नहीं लिया है। साथ ही पर्यावरण विभाग से भी अनुमति नहीं ली गई है। बावजूद इसके जांच या कार्यवाही नहीं होने से संचालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है। इधर भट्ठा संचालक अवैध विद्युत कनेक्शन भी ले रखे हैं। इस तरह अवैध भट्ठा संचालन से सरकार को रायल्टी का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सरकार को लग रहा राजस्व का बट्टा
नदी, नालों, घाटों के किनारे खेत व तालाब से लगे जमीन के आसपास दूर-दूर तक ईंट बनाने का काम चल रहा है, इससे लाखों रुपये की रायल्टी चोरी हो रही है। वहीं सरकार को भी राजस्व का बट्टा लगाया जा रहा है। लाखों कमाने के लालच में ये राजस्व व खजिन विभाग को चूना लगा रहे हैं। ईंट व्यावसायियों ने अपने लाभ के लिए नदियों की दिशा ही बदल दी है। ईंट भट्ठी की आड़ में ठेकेदार धीरे-धीरे जंगली क्षेत्रों में भी घूम रहे हैं तथा वन क्षेत्रों में स्थापित ईंट भट्ठों में जंगल से अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है।
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