तहकीकात न्यूज @ दिनेश बारी . लखनपुर
बीते रविवार की दरमियानी रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अम्बिकापुर पुलिस ने छापामार कार्यवाही करते हुए अवैध कोयला परिवहन करते 6 नग ट्रेक्टर जप्त कर लखनपुर- पुलिस के सुपुर्द किया है।अमेरा खुली खदान से लगे ग्राम गुमगराकला परसोढ़ीकला कटकोना, चिलबिल क्षेत्र से सिलसिले वार कोयला तस्करों के द्वारा अवैध कोयला उत्खनन एवं परिवहन करने की बात सामने आती रही है ।उसी तारतम्य में बीते दिन मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने एक टीम गठित कर सिविल ड्रेस में मौके पर छापामार कार्यवाही करने के लिए कोयलांचल क्षेत्र ग्राम गुमगराकला भेजा जहां रास्ते पर 6 ट्रैक्टर अवैध कोयला परिवहन करते हुए पाया गया उक्त सभी 6 ट्रेक्टरो पर अम्बिकापुर पुलिस टीम ने जब्ती कार्यवाही करते हुए लखनपुर पुलिस के सुपुर्द किया । वहीं एक 407 खाली वाहन पर धारा 102 की कार्यवाही की गई है। पकड़े गए सभी 6ट्रैक्टरो के चालकों के खिलाफ धारा 41-(1)4 की करवाई की गई है जप्त 6 ट्रैक्टरों में लगभग 18 टन अवैध कोयला परिवहन करते हुए जब्ती की गई है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख बताई जा रही है।
काबिले गौर है कि लखनपुर क्षेत्र में विगत कई वर्षों से अवैध कोयले का उत्खनन किया जा रहा है जिसका मुख्य कारण यह भी है कि अमेरा खुली खदान से समबध क्षेत्र में घुनघुटटा तथा दूसरे नदी प्रवाहित हो रहे हैं उसके किनारे महज 4 से 5 फिट गढ्ढा खोदकर आसपास के ग्रामीण कोयले का उत्खनन करते हैं
पूर्व में ग्रामीण अपने नीजी निस्तार एवं उपयोग के लिए कोयला खनन कर लें जाते थें परंतु धीरे-धीरे इस कोयले का भंडारण कर कोल माफियाओं के हाथों बेचना शुरू कर दिया यहां जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बनाकर अवैध कोयला निकाला जाने लगा अमेरा खुली खदान के आसपास वाले क्षेत्र अवैध कोयला व्यवसाय का अड्डा बनकर रह गया है तस्करों द्वारा ग्रामीण मजदूरों से अवैध कोयला उत्खनन कराया जाता रहा है। जिसके कारण पुलिस भी बदनाम रही है स्थानीय पुलिस के कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाते रहे हैं ।कई मर्तबा बीच-बीच लखनपुर पुलिस द्वारा खदानों से 1-2 ट्रिप कोयला जब्ती कार्यवाही भी किया जाता रहा है जिससे स्थानीय पुलिस पाक दामन नज़र आती रही है। अवैध उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने उन ठिकानों पर जेसीबी मशीन के जरिए गड्ढों को मिट्टी से भरने दिखावा कारवाही भी किया जा चुका है बाद इसके पुलिस खुद अपनी पीठ थप-थपा रही है । परन्तु पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कारवाही से से हकीकत का पर्दाफाश हुआ है । पुलिस के कारवाही के पीछे एक अलग ही कहानी सामने आ रही हैं पुलिस और कोल माफियाओं के मधुर संबंध होने की चर्चा आम होने लगा है
इसकी शिकायत कई बार पुलिस महानिरीक्षक पुलिस अधीक्षक
सहित तमाम आला अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों द्वारा बीच-बीच में की जाती रही है ।
अवैध कोयला उत्खनन एवं परिवहन का कारोबार हमेशा सुर्खियों में रहा है ।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन अभी तक अवैध कोयला उत्खनन के रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम करने में असफल ही रहीं हैं।
कुल मिलाकर कोल माफियाओं से पुलिस राजस्व खनिज विभाग की मधुर संबंध होने के कारण कोयले का अवैध उत्खनन एवं परिवहन धड़ल्ले से किया जाता रहा है ।हमेशा पुलिस पर ही ठीकरा फोड़ा जाता रहा है परंतु अन्य सम्बंधित खनिज , वन , राजस्व विभाग की भी रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए लेकिन यह अपने दायित्वों से हमेशा पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।
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