तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिले में जहां कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है, तो वहीं सरकार और प्रशासन के कोरोना संक्रमितों को घर में ही इलाज के दावे हवा हवाई होते दिख रहे हैं। हालात यह हैं कि कोरोना मरीजों को सरकार की ओर से इलाज के लिए किट मुहैया करवाना तो दूर पूरी दवा तक नहीं दी जा रही है। जिला में कोरोना के मामले तेजी पकड़ते जा रहे हैं। मरीजों को टेस्ट के बाद पॉजिटिव आने पर तुरंत बिना कोई दवा दिए घर भेजा हा रहा है, मगर दवा नहीं दी जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों में से एक ने बताया कि उसके कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसे कुछ टेबलेट दे बाकी बाजार से लेने को कहा गया।

अब दिक्कत यह है कि बाजार से दवा लाए कौन। उधर, एक अन्य परिवार को भी यही हाल है। इस परिवार के भी अधिकतर सदस्य कोरोना पॉजिटिव हैं। इस परिवार को भी दूसरे दिन कोई भी दवाई देने नहीं आया है। इन दोनों परिवारों का कहना है कि उन्हें घर पर ही क्वारंटिन होने को कहा गया है, ऐसे में अगर वे दवाई देने बाजार जाएंगे तो इससे संक्रमण और फैलेगा। इसी तरह कुल मिलाकर सरकार और प्रशासन के कोरोना संक्रमण को रोकने और संक्रमितों को घर पर ही इलाज करने के दावे असल में झूठे ही साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं इन परिवारों को ऑक्सीजन की जांच के लिए ऑक्सीमीटर तक नहीं मिल रहे हैं। बाजार में या तो ये उपलब्ध नहीं है, या फिर मनमाने दाम 2 हजार से 2500 तक मांगे जा रहे हैं।
कोविड संकट काल को एक साल से अधिक समय बीत गया है, मगर इस बीमारी की दवा ईजाद नहीं हो पाई है। डाक्टर पहले से ही दूसरी बीमारियों में इस्तेमाल दवा से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कोई दवा न होने के बाद भी कोरोना सं्रकमित लोगो को जो सरकारी दवा कोरोना मरिजो को दी जा रही थी उसके लिए भी अब मरिजो के परिजनो को भटकना पड रह है। कोरिया जिले में सरकार के द्धारा दी गई दवाये भी यहा कर्मचारियो के द्धारा मरिजो को नही दी जा रही है। बलिक मरिजो से कहा जा रहा है कि दवा नही है वो बाहर मेडिकल स्टोर से जाकर लें ले। इसके स्वास्थ्य कर्मियो के द्धारा टिक मारकर पर्ची पर बताया जा रहा है।
मरिजो को दी जा रही है ये दवाये……
- पैरासिटामोल
- डाक्सीसाइक्लिन
- एजिथ्रोमाइसिन
- हाईडासिन क्लोरोक्विन
- विटामिन-सी
- टेबलेट जिक
as

+ There are no comments
Add yours