संकट निबटने धान खरीदी के लिए अभी से जुटाने होंगे बारदानो

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

आगामी सत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए सरकारी राशन दुकानों से पीडीएस का बारदाना अभी भी जुटाया जाएगा। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है, क्योंकि धान खरीदी के लिए पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा बारदाना उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण खरीदी को लेकर भारी दिक्कत हुई थी। आदेश के परिपालन में प्रशासन द्वारा बारदाना एकत्रित करने का काम अभी से शुरू कर दिया गया है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जूट के बारदानों की जरूरत पड़ती है। धान खरीदी नए बारदानों में की जाती है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा बारदाना उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन गत वर्ष 2020-21 में कोविड महामारी के कारण जूट के नए बारदानों की आपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा नहीं करवाई गई। इसके बाद राज्य सरकार ने पुराने बारदानों में ही धान खरीदी के निर्देश दिए थे। निर्देश के मुताबिक जिला प्रशासन ने सरकारी राशन दुकानों में डंप पीडीएस के पुराने बारदानों को एकत्रित किया। इसके अलावा राइस मिलरों तथा किसानों से भी बारदाने की खरीदी कर व्यवस्था बनाई गई। इन सबके बावजूद जूट के बारदाने कम पर प्लास्टिक की बोरी में भी धान खरीदी की गई। वर्ष 2020-21 में जिले में धान खरीदी के लिए लगभग 50़ हजार नग बारदाने की जरूरत थी। जिले में 540 राशन दुकानें हैं जहां से पीडीएस के बारदाने को संग्रहित कर धान खरीदी के लिए समितियों को भेजा गया था। विपणन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में सरकारी राशन दुकान संचालकों से करीब 15 लाख नग बारदाने लिए गए थे। इसके अलावा राइस मिलरों व किसानों से भी बारदाने की खरीदी की गई। इसके बाद भी धान खरीदी के दौरान जूट के बारदानों की भारी किल्लत बनी हुई थी। धान बेचने के लिए किसानों जिले से बार से भी 40 से 50 रुपये प्रति नग तक बारदाना खरीदना पड़ा था, जबकि सरकार द्वारा किसानों को बारदानों की कीमत का भुगतान प्रति नग 10 रुपये के हिसाब से किया गया था।

आपूर्ति को लेकर संशय

राशन दुकानों से बारादाना संग्रहित करने के संबंध में जारी आदेश के मुताबिक इस साल भी धान खरीदी के लिए जूट के बारदानों की आपूर्ति को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि देश में इस साल भी कोरोना का प्रकोप चल रहा है जिसके कारण विगत वर्ष की भांति इस वर्ष 2021-22 में भी जूट के नए बारदानों की आपूर्ति भारत सरकार द्वारा राज्य की धान खरीदी के लिए आवश्यता एवं मांग अनुसार न हो। इसे ध्यान में रखते हुए खरीदी के लिए बारदाना की व्यवस्था अभी से की जाए। इस वर्ष 35 लाख नग बारदाने एकत्रित करने का लक्ष्य

सरकार द्वारा पीडीएस में खरीदे गए बारदानों की कीमत का भुगतान राशन दुकान संचालकों को किया जाता है। प्रति नग 10 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है। लेकिन यह राशि बहुत कम है। खुले बाजार में प्रति नग बारदाना कम से कम 25 से 30 रुपये में बिकता है। इस वजह से कई राशन दुकान संचालक बारदाना खुले बाजार में भी बेच देते हैं। लेकिन धान खरीदी के लिए बारदानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शासन ने दुकान संचालकों को खुले बाजार में बारदाना नहीं बेचने का सख्त निर्देश दिया है। बारदाना बेचना पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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