बाल श्रम निषेध सूचना का प्रदर्शन करना आवश्यक एवं खतरनाक उपजीविका में कार्य करना या कार्य पर रखना पूर्णतः प्रतिबंधित

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तहकीकात न्यूज  @ अफजल  मंसूरी . सूरजपुर

सूरजपुर श्रम पदाधिकारी सूरजपुर ने बताया कि श्रमायुक्त, छ.ग. शासन, श्रम विभाग नया रायपुर के निर्देशानुसार बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 3 (1) के अनुसार किसी भी बालक (14 वर्ष से कम) किसी बालक को किसी भी तरह के उपजीविका अथवा प्रक्रिया में कार्य करने अथवा कार्य पर रखे जाने की अनुमति नहीं होगी तथा धारा 3 (ए) के अनुसार किसी भी किशोर को (14 से 18 वर्ष) को अधिसूचित खतरनाक उपजीविका अथवा प्रक्रिया में कार्य करने अथवा कार्य पर रखे जाने की अनुमति नहीं होगी।

     उक्त अधिनियम के अन्तर्गत समस्त नियोजक, प्रोपराईटर, संस्था प्रतिष्ठान प्रमुख (दुकान एवं वाणिज्यिक स्थापनाएं निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम, टॉकिज, होटल एवं रेस्टोरेंट, मॉल, समाचार पत्र संस्थान, निजी शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थान ट्रॉन्सपोर्ट उपक्रम, निजी सुरक्षा एवं प्लेसमेंट एजेंसी, ठेकेदार, रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन कंपनी इत्यादि) में पूर्णतः प्रतिबंधित अधिसूचित की गई है। 

  उक्त अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में बालक, किशोर श्रम नियोजकों को 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास अथवा 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनो से दण्डित किया जाना प्रावधानित है।

 बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम 1986 संशोधित अधिनियम 2016 की धारा-12 के अन्तर्गत अधिनियम की धारा 3 एवं धारा 14 की संक्षिप्ति को अंतर्विष्ट करने वाली सूचना का प्रदर्शन नियोजक द्वारा संस्थान के दृष्टिगोचर स्थल पर किया जाना अनिवार्य हैं। सूचना का प्रदर्शन न करने वाले संस्थान के नियोजक को अधिनियम अन्तर्गत एक माह तक का कारावास या 10,000 रूपये के जुर्माने अथवा दोनो से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। अतः जिले के समस्त नियोजक, प्रोपराईटर, संस्था प्रतिष्ठान प्रमुखों से आपेक्षित है कि बाल श्रम निषेध सूचना का प्रदर्शन अपने संस्थान के मुख्य द्वार के दृष्टिगोचर स्थल पर प्रदर्शित करेंगे। जांच के दौरान प्रदर्शित नहीं पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

संशोधित सूचना- बालक और किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 संशोधित अधिनियम 2016 के अंतर्गत बाल श्रम निषेध धारा 3(1) 14 वर्ष से कम आयु के चालकों के नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। धारा 3 (ए) अंतर्गत 14 वर्ष से 18 वर्ष के किशोर को अधिसूचित खतरनाक क्षेत्र में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित। पूर्णतः प्रतिबंधित खतरनाक क्षेत्र 107।

मुख्य प्रतिबंधित क्षेत्र कारखाना, होटल एवं ढ़ाबा, रेस्टोरेंट, घरेलू कामगार, ईंट-भट्ठा एवं खपरेल निर्माण, ऑटो मोबाईल वर्क्सशॉप एवं गैरेज, भवन एवं अन्य निर्माण कार्य, ज्वलनशील पदार्थ तथा विस्फोटक संबंधी कार्य, फटाखों का उत्पादन संग्रहण अथवा बिक्री, बीड़ी उद्योग, तम्बाकू निर्माण, कृषि प्रक्रियाऐं जहाँ मशीनों का उपयोग हो, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, विद्युत उत्पादन उद्योग, पेट्रो-रसायन उद्योग, पत्थर खदान, खानें और कोलियरी (भूमिगत तथा जलमग्न) तथा इनसे संबंधित कार्य इत्यादि ।

धारा 14 धारा 3 एवं 3 (ए) के उल्लंघन की स्थिति में बालक, किशोर श्रम नियोजकों को 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास अथवा रूपये 20,000 से 50,000 तक का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जावेगा।

asf

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