गर्भवतियों को निजी अस्पताल में डिलीवरी के के धंधे पर लेगेगी रोक

Estimated read time 1 min read

Baikunthpur @ Tahkikat News

गर्भवती माताओ की डिलिवरी के लिए सरकार ने जिन डॉक्टरों के भरोसे जिला अस्पताल में भगवान की प्रतिमूर्ति माने जाने वाले डॉक्टरो के हवाले छोड रखा है। वहां पहुंचने वाली गर्भवतियों को निजी अस्पतालों में भेजकर डिलीवरी करवाई जा रही है। बैकुंठपुर के जिला अस्पताल में विगत डेढ़ दशकों से लगातार यहां के लोगों को भगवान की प्रतिमूर्तियों द्वारा ठगने का कार्य किया जा रहा है। यहॉ सर्वविदित है कि जिला अस्पताल के कुछ लालची डॉक्टरों द्वारा भर्ती गर्भवती महिलाओं के परिजनों को अचानक आधी रात यह कहा जाता है कि मरीज की हालत गंभीर है इसे आप बाहर ले जाए और तमाम बहाने बना कर डरा दिया जाता हैं ।

इसके बाद परिजन विवष होकर बैकुंठपुर के महलपारा स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाते है । जहां पर 99 फिसद डिलेवरी ऑपरेशन के माध्यम से की जाती है । रात के 12 बजे अपनी सुध बुध खोए परिजनों को किस प्रकार से बेवकूफ बनाकर गर्भवती महिलाओं की जान से खिलवाड़ करने का कार्य वर्षों से जमे हुए लोगो के द्धारा सुनियोजित तरीके से किया जाता रहा है और डॉक्टर प्राइवेट हॉस्पिटल में भेजने वाले स्टाफ को मोटी कमीशन निजी हॉस्पिटल द्वारा दिया जाता रहा है।

सबसे बड़ी विडंबना तो यह है कि मात्र 20 मिनट में डिलेवरी कराने की बात कई बार सामने आई आ चुकी है बड़े अजीब विडंबना है कि एकमात्र डॉक्टर के द्वारा निदेशक एवं सर्जन की भूमिका कैसे अदा किया जाता है यह बात शहर में हर कोई जानता है चर्चा भी करता किन्तु जिम्मेदारों के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के कारण विगत डेढ़ दषक से यह गोरखधंधा जमकर फल फूल रहा है

संसदीय सचिव ने लोगो से निजि अस्पताल न जाने की अपील

विगत दिनों बैकुंठपुर विधायक एवं संसदीय सचिव अंबिका सिंह देव ने भी लोगों से अपील करते हुए लगातार लोगो से यह अपील कर रही है कि लोग जिला अस्पताल में अपना इलाज कराएं और इलाज के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल में हर वह सुविधा उपलब्ध है जो निजी अस्पताल में मिल सकती है । लोग निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर ना जाए । शासन ने हर तरह की व्यवस्था कर रखी है उन्होंने स्वास्थ मंत्री टी एस सिंह देव एवं मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में स्वास्थ्य सुविधाओं को बताते हुए स्पष्ट कर दिया है कि लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा में किसी भी प्रकार की कंप्रोमाइज नहीं की जाएगी।

एैंसे दिया जा रहा इसे अंजाम

जिला अस्पताल में अमूमन रात 9 से 10 बजे के बीच खेला जा रहा है। यह खेल बड़े शातिराना तरीके से खेला जाता है। यहां तैनात डॉक्टर पहले हर गर्भवती को कागज में भर्ती करता है। दिन भर मरिज को भर्ती रख देर रात अचानक निजी अस्पताल में भेजने की पटकथा रची जाती है। डॉक्टर व स्टॉफ मिलकर पहले सामान्य डिलीवरी को कांप्लीकेटेड बताकर निजी अस्पताल रिफर करते हैं।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours