सरकारी कार्यालयो में कामकाज रहा ठप्प, अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी संघ ने किया आंदोलन
Baikunthpur @ Tahkikat News
प्रदेश भर के साथ शुक्रवार को जिले के सभी सरकारी कार्यालयो में काम काज ठप्प रहा। इस दौरान बैकुन्ठपुर के छिदडाढ में आयोजित कार्यक्रम में सारे नियम कायदो की धज्जिया उठाते नजर आये। इस दौरान 90 फिसद आंदोलन कर्मी बैगर मास्क और फिजिकल डिस्टेंसिंग के कोरोना काल में इस कार्यक्रम में इस संघो में दिग्गजो का हाल जिसमें वन कर्मचारी संघ के नेता पवन रुपलिया सहित कई रिटायर नेताओ का हाल एैसा ही नजर आया। जिले के तहसील मुख्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा । कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की मांग है कि केंद्र के समान राज्य के कर्मचारी-अधिकारियों को भी महंगाई भत्ता दिया जाए। महंगाई भत्ता समेत अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं आज सरकारी कार्यालय बंद होने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष और अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के मुताबिक शासकीय सेवकों के लंबित मांगों से संबंधी 14 सूत्रीय मांग है। प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद निर्णय के बाद 3 सितंबर को प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को बंद रहे।
संघ का कहना है कि केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 17 से 28 प्रतिशत हो गया है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 1 जनवरी 2019 से मात्र 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से 16 प्रतिशत पीछे हो गए है। इस कारण प्रतिमाह के वेतन में 4-5 हजार रुपए आर्थिक क्षति हो रही है।
इनका रहा सर्मथन
इस सामूहिक अवकाश को लघु वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, वाहन चालक यांत्रिक कर्मचारी संघ, नगर निगम कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड समेत अनेक संगठनों ने सहमति दिया है।
यह है इनकी मांग
विभागीय पदोन्नति-समयमान वेतनमान स्वीकृति, अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, पुराना पेंशन योजना बहाली, आकस्मिक-कार्यभारित चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों का नियमितीकरण, पटवारियों की पदोन्नति और कार्यालयीन उपयोग के लिए लैपटॉप देने. छग राज्य में पेंशन प्रोसेसिंग सेल की स्थापना और अन्य मांगों के समर्थन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन चार चरणों में आंदोलन भी कर चुका है।
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