कांग्रेस में वर्चस्व की लडाई से हुआ कोरिया जिले का बंटाधार – भैया लाल

Estimated read time 1 min read

Baikunthpur @ Tahkikat News


छत्तीसगढ की कांग्रेस सरकार द्धारा कोरिया जिले का विभाजन कर जिले में विवाद की स्थिति पैदा कर दी है। कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर वर्चस्व की लडाई दो गुटो में जो चल रही है उसका परिणाम कोरिया जिले का विभाजन है। बीना योजन एवं विचार के कोरिया जिले का विभाजन कर नये मनेन्द्रगढ जिले का गठन किसी को भी पच नही रहा है। कोरिया जिले में आपसी मन-मोटाव बढाने के लिए सीधे तौर पर छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री और बैकुन्ठपुर के विधायक जिम्मेदार हैं।
उक्तशाय का बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में जिला बचाव मंच से व्यक्त करते हुए चेताया कि छत्तीसगढ सरकार को अपनी भूल स्वीकार करते हुए कोरिया जिले के विभाजन के निर्णय को तत्काल निरस्त कर देना चहिए।

विधायक बैठे सीएम हाउस के सामने धरने पर

अपने उदबोध न में पूर्वमंत्री श्री राजवाडे ने क्षेत्रिय विधायक अम्बिका सिंह देव को आडे हाथो लेते हुए कहा है कि यदि जरा भी नैतिकता हो तो क्षेत्रिय विधायक को कोरिया जिले के विभाजन का पुरजोर विरोध कराना चाहिए और यदि सरकार न सुने तो सीएम हाउस के सामने अनशन पर बैठ जाना चाहिए। श्री राजवाडे ने आश्वस्त किया कि क्षेत्र की सारी जनता उनके साथ है और लम्त्बे संर्घष के लिए हम सभी तैयार है। चाहे किसी भी राजनैतिक दल या संस्था का सदस्य क्यो न हो। उन्होने इस बात को गलत बताया कि कोरिया जिला विभाजन मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के विधायको से चर्चा या राय नही ली थी।

आधे अधूरे कोरिया जिले का हुआ विभाजन


श्री राजवाडे ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि कोरिया जिले को अभी तक पूरी तरह अपडेट नही किया गया है और इसके विभाजन का निर्णय ले लिया गया है। कोरिया जिले के आधा दर्जन से ज्यदा सरकारी विभाग मनेन्द्रगढ में संचालित हो रहे हैं। सरकार को पहले इन्हे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में स्थापित कराना चाहिए। इसके बाद मनेन्द्रगढ जिला के सबंध में विचार किया जाना चाहिए था। उन्होने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में अनेको बार मनेन्द्रगढ के नेता मनेन्द्रगढ जिला के लिए ज्ञापन सौपकर मांग करते रहे। लेकिन तत्कालिन सरकार ने उसे अमान्य कर दिया था। तत्कालिन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा था कि 5 ब्लाक के छोटे से कोरिया जिले को कैंसे विभाजित कर दूसरा जिला बनाया जा सकता है ! श्री राजवाडे ने याद दिलाया कि मनेन्द्रगढ के नेताओ के कहने पर मनेन्द्रगढ में एडिशनल कलेक्टर और एडिशनल एसपी का पद स्वीकृत कराया गया था। यदि यह कहा जाये कि मनेन्द्रगढ जिला जैसा ही संचालित हो रहा था तो अतिशयोक्ति नही होगी।

टी एस के प्रभाव को कम करने का प्रयास


पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरिया जिले का विभाजन कर मुख्यमंत्री भूपेष बघेल ने अपने प्रतिद्धव्दी टी एस सिंह देव प्रभाव को कम करने का प्रयास किया है। उन्होने कहा कि श्रीमति अम्बिका सिंह टीएस बाबा गुट की मानी जाती हैं इसी कारण कोरिया जिला का विभाजन कर इसके असितत्व पर सवालिया निशान लगा दिया है। विभाजन के बाद पुराने कोरिया जिले में बैकुन्ठपुर विधानसभा क्षेत्र का भी पुरा हिस्सा नही आ पायेगा। जो चिंतनिय बात है। नये मनेनद्रगढ जिले का गठन कर मुख्यमंत्रंी भूपेश बघेल ने अपनी स्तिथि और मजबूत करने का प्रयास के तहत किया एैसा मेरा सोचना है।

23 वर्ष पूर्व भी कोरिया हुआ था षडयंत्र का षिकार

पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने याद दिलाते हुए बताया कि 23 वर्ष पूर्व 25 मई 1998 को जब सरगुजा जिले का विभाजन किया गया था। तब भी कोरिया जिले के साथ अन्याय हुआ था। उस समय दो राजाओ की लडाई में 24 ब्लाक वाले सरगुजा जिले का विभाजन कर मात्र 5 ब्लाक का नया कोरिया जिला बनाया गया था। जबकि 24 ब्लाक में से कम से कम 10 ब्लाक अलग कर नया जिला बनाया जाना चाहिए था। जब बैकुन्ठपुर जिला मुख्यालय नही बना था तब यहा सारे जिला स्तरिय कार्यालय मौजूद थे और बैकुन्ठपुर से 12 विकासखण्डो का काम काज होता था। जिसमे सूरजपुर क्षेत्र भी शामिल था। बैकुन्ठपुर में एडिशन एस पी एडिशनल कलेक्टर की भी पदस्थापना की गई थी। यह कोरिया जिले का र्दूभाग्य है कि कमजोर नेतृत्व के कारण हमेशा इसके साथ अन्याय होता ही रहा है।

आयोग का गठन करें सरकार

पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने छत्तीसगढ सरकार को सुझाव दिया है कि नये जिले की घोषणा से पूर्व पूर्नगठन आयेग का गठन करना चाहिए जो संबधित जिले या क्षेत्र में जाकर नये जिले की संभावना को व्यापक रुप से तलाशे । पूर्व में जब भी नये जिलो का गठन हुआ है। इस प्रकार की प्रक्रिया का पालन किया गया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री जी को पूर्व घोषणा को निरस्त करते हुए नये सीरे से पहल करनी चाहिए ताकि जिला बनाने में किसी भी प्रकार की वैधानिक समाजिक या अन्य बाधा आडे न आये। उन्होने चेतावनी भी दी कि यदि सरकार कोरिया जिले की जायज मांगो को नही मानेगी तो क्षेत्रवासी लम्बे आंदोलन के लिए तैयार है जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ सरकार की होगी।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours