प्राकृतिक संसाधनो से जीवन रक्षा का दिया मंत्र, बताया प्राथमिक उपचार, खाली प्लास्टिक बोतलो, कैन के इस्तेमाल से तैरकर बाहर निकलने का हुनर

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Baikunthpur @ Tahkikat News

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम के द्वारा झुमका बोट क्लब में बाढ़ आपदा से बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को आपदा के समय बचने और सावधानी बरतने के तरीके बताए गए।
भिलाई से आई हुई एसडीआरएफ टीम के निरीक्षक एस. के. त्रिपाठी और उप निरीक्षक अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में बाढ़ आपदा एवं बचाव के डेमो में सुबह 11 बजे एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने बाढ़ और लोगों की जान को बचाने के तरीकों को विस्तार से बताया। जवानों ने बताया कि मुश्किल हालात में सब्र से काम लेना है और हड़बड़ाहट में नहीं रहना है। इससे ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है।


डेढ़ घंटे चले इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ द्वारा बाढ़ आपदा से बचने के तरीके बताए गए। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने किस प्रकार बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बचाया जाए, इसका डेमो दिखाया। घायलों के प्राथमिक उपचार के उपरांत जिला अस्पताल सुरक्षित भेजने की प्रक्रिया बताई गई। एनडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों द्वारा स्पीड बोट द्वारा रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, सर्प दंश का प्राथमिक उपचार, घरेलू वस्तुओं जैसे खाली प्लास्टिक बोतलो, खाली जरी कैन, इत्यादि से पानी मे तैरकर बाहर निकलने का प्रशिक्षण उपस्थित बच्चों को दिया गया। इसके बाद झुमका जलाशय परिसर में उपस्थित अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।


इस मौके पर अपर कलेक्टर सुखनाथ अहिरवार, डिप्टी कलेक्टर ए.एस.पैकरा, एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, ईई पीडब्ल्यूडी मेश्राम, जिला कार्यक्रम अधिकारी एम.के.खलखो, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट शेखर बोर्नवरकर एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। साथ ही केंद्रीय विद्यालय, कन्या शाला, शासकीय हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं, अध्यापक एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

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