Baikunthpur @ Tahkikat News
कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ में 14 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत के बाद जिले भर के अभिभावकों के द्वारा अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज का दौर एक बार फिर से शुरू हो जाएगा। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में विगत महीनों में सभी स्कूलों को खोल दिया गया था किंतु बिना कोरोना गाईडलाइन के पालन के कभी भी इसके गंभीर परिणाम आने की आषंका तो पहले से थी। गत दिवस मनेंद्रगढ़ की चैनपुर की छात्रा के कोरोना से संक्रमित होने के बाद मौत के बाद एक बार फिर अभिभावकों के द्वारा अपने बच्चों को फिजिकल रूप से स्कूल में भेजना से परहेज करने की बात कहना षुरु कर दिये है। कई अभिभावकों का कहना है कि जिस तरीके से धीरे-धीरे एक बार फिर प्रदेश भर में कोरोनों के मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए हम अपने बच्चों की जान की सुरक्षा दांव पर नहीं लगा सकते ।
अभिभावको की मांग, हो आनलाईन क्लास
बेहतर होगा कि स्कूलो में एक बार फिर से ऑनलाइन क्लासेस चालू किये जाये। जिससे बगैर प्रभावित हुए पढ़ाई जारी रह सके । गौरतलब हो कि विगत कुछ महीनों से लगातार जिले भर के सभी स्कूल एवं आंगनबाडी खुलने के बाद कोरोना गाइडलाइन का पालन होता नजर नहीं आ रहा था। यही कारण है कि अभिभावकों की मांग जायज एवं लाजमी लगती है।
6 के बाद करेंगे स्कूलो में कडाई
इस संबंध में जब हमने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता से बात की तो उनका कहना था कि यूं तो 6 नवंबर तक पहले से ही छुट्टी है। इसके बाद इसकी समीक्षा एवं स्कूलों में कोरोना गाईडलाईन के पालन के संबंध में प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की निर्देशों का पालन किया जाएगा । जैसे ही स्कूल खुलेगी वैसे ही सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर कोरोना के गाइडलाइन एवं फिजिकल डिस्टेंस का सख्ती से पालन करया जायेगा।
5 महिने बाद फिर हुई मौत
स्कूलो और बाजारो में त्योहारी सीजन और कोरोना की पाबंदियों के नहीं होने के कारण जिले में 5 महिने के बाद एक बार फिर कोरोना से एक मौत का मामला सामने आया । 14 वर्शीय छात्रा की कोरोना से मौत होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि छात्रा गंभीर हृदय की बीमारी से ग्रसित थी और चिकित्सा के दौरान कोविड-19 अस्पताल कंचनपुर में उसकी मौत हो गई। जिसका अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मनेंद्रगढ़ के आमाखेरवा में किया गया ।
नियमो के पालन में सख्ती की जरुरत
लगातार यह देखा जा रहा है कि लोगों के द्वारा कोरोना नियमो की अनदेखी एवं जिला प्रशासन की निश्क्रियता के कारण जिले में एक बार फिर कोरोना ने अपना पैर पसारना शुरु कर दिया है। कोरोना की तीसरी लहर में वायरस जिस गति से लोगों में संक्रमण फैलने की बात आ रही है उससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले दिनों में दीपावली व छठ तक स्थिति और गंभीर होने की संभावना नजर आ रही है।
गंभीर बीमारी से ग्रसित थी छात्रा
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा का कहना है कि छात्रा हृदय की गंभीर बीमारी से ग्रसित थी जिसकी चिकित्सा के दौरान मौत हो गया। वो कोरोना से भी ग्रसित थी। जो भी हो किंतु वर्तमान परिस्थितियों में यदि जिला प्रशासन के द्वारा इस वर्तमान हालातों पर रोक नहीं लगाया गया तो जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर के गंभीर परिणाम कोरिया जिले में देखने को मिल सकते हैं । इसलिए जिला प्रशासन को समय रहते हैं इस पर शक्ति बरतने की आवश्यकता है जिससे लोगों को इस गंभीर जानलेवा बीमारी से बचाया जा सके।
5 महीने बाद फिर से हुई मौत
बताया जा रहा है कि जिले में मई के बाद कोरोना से मौत का पहला केस सामने आया है। इस दौरान कोरिया जिले में कोरोना से मरने वालों की तादाद बढकर 186 पहुंच गई है। जिले में एक्टिव प्रकरणों की संख्या 4 बताई जा रही है वहीं पर जिले में अब तक कुल पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या 27673 जबकि 27354 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं । जिले के चारो ग्रसितो का ओम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है । इस दौरान कोरिया जिले में कोरोना अस्पतालों में बिस्तरो की संख्या 296 बताई जा रही है जिसमें बैकुंठपुर के कंचनपुर कोविड-अस्पताल में 126 एसईसीएल चरचा में 50 एसईसीएल मनेन्द्रगढ़ में 50 एसईसीएल चिरमिरी में 50 एवं कोविड-19 सेंटर जनकपुर में 20 बिस्तरो की संख्या बताई जा रही है एवं आज जिले में सभी बिस्तर खाली बताए जा रहे हैं।
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