विशेष पहल पर मिशन मोड में शुरू नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा का काम

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Baikunthpur @ Tahkikat News

कलेक्टर कोरिया श्याम धावड़े की विशेष पहल पर जिले में अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों में आम जनता की सुविधा और सहायता के लिए विकासखण्डों में राजस्व शिविर लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में सभी एसडीएम को शिविर के माध्यम से राजस्व प्रकरणों के आवेदन लेने और शीघ्र निराकरण के निर्देश दिये हैं। साथ ही निराकृत प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर ई-कोर्ट में शत-प्रतिशत पंजीकृत कराए जाने के निर्देश भी दिए जिससे जिले की प्रगति ऑनलाइन दर्ज की जा सके।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राजस्व मामलों में अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन पर विशेष ध्यान देते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में सभी अनुभागों में मिशन मोड में अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों के आवेदन लोगों से लिये जा रहे हैं।
लोगों को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में लगाए जा रहे शिविरों में 1 नवम्बर से अब तक कुल 3 हजार 431 आवेदन प्राप्त हुए है जिनमे 2 हजार 134 अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा से संबंधित हैं। शिविर के माध्यम अब तक राजस्व मामलों और जाति, आय, बंदोबस्त त्रुटि सुधार, नक्शा सुधार के 1 हजार 382 प्रकरण निराकृत किए गए है। शेष लम्बित आवेदनों का भी निराकरण जल्द किया जा रहा है। राजस्व शिविरों में प्राप्त आवेदनों को भुइयां पोर्टल में भी दर्ज किया जा रहा है।
तहसील बैकुण्ठपुर अंतर्गत नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के 453 आवेदनों में से 141 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त किसान किताब, वनाधिकार, बंदोबस्त त्रुटि सुधार एवं नक्शा सुधार के भी 152 आवेदन शिविर के माध्यम से मिले हैं जिनका निराकरण किया जा रहा है।
इसी तरह तहसील भरतपुर अंतर्गत नामांतरण सीमांकन और बंटवारा के 627 आवेदन लोगों द्वारा दिए गए हैं। तहसील मनेन्द्रगढ अंतर्गत राजस्व मामलों के 508 आवेदन, तहसील पटना अंतर्गत नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के 156 आवेदन जमा किए गए हैं। साथ ही तहसील खड़गवां अंतर्गत अब तक आम जनता द्वारा 390 आवेदन शिविर के माध्यम से दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त शिविर में किसान किताब, जाति प्रमाण पत्र, वनाधिकार, बंदोबस्त त्रुटि सुधार एवं नक्शा सुधार के आवेदन भी लिए जा रहे हैं और यथासंभव शीघ्र निराकरण भी किया जा रहा है।

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