किताबे बदलने की स्कूल प्रबंधन की सफाई
गत दिनों बैकुंठपुर के सेंट जोसेफ स्कूल में किताबें बदलने की खबरें आने के बाद आज विद्यालय के प्रिंसिपल के द्वारा अपना पक्ष रखते हुए बताया गया कि कक्षा 1 से 5 तक जो किताबें बदलने की बात सामने आ रही है उसे अब तक स्कूल मैनेजमेंट ने सामने नहीं रखा है । यह सब लोगों की फैलाई हुई साजिश और अफवाह है । वहीं पर उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अभिभावक को हमसे या स्कूल प्रबंधन से किसी बात को लेकर शिकायत है तो वह हमारे समक्ष अपनी बात रख सकते हैं । उन्हे मिडिया में जाने की क्या जरुरत है। प्रत्येक महीने विद्यालय में सभी अभिभावकों की बैठक आयोजित की जाती है जिसमें विद्यालय प्रबंधन द्वारा लिए गए निर्णय के संबंध में उन्हें अवगत कराया जाता है एवं उनकी राय ली जाती है । विद्यालय के प्रिंसिपल सिस्टर जस्सी ने जानकारी देते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन के द्वारा किताबें बदलने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। जबकि दूसरी ओर अभिभावको का कहना है कि इस कोरोना महामारी में भी बैकुंठपुर सेंट जोसेफ स्कूल में जो पुस्तके चल रही हैं उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है जबकि कोरोना महामारी में आम आदमी का जीना दूभर हो चुका है अब फिर से नई और महंगी पुस्तके खरीदने का बोझ अभिभावको पर पड़ने वाला है। बता दें कि कोविड-19 लगभग 2 सालों से स्कूल ठीक से नहीं लग पा रहा है पर बैकुंठपुर सेंट जोसेफ स्कूल का अलग ही नियम चल रहा है जबकि नियम है कि कोविड-19 ने पुस्तके चेंज नहीं होंगी पर कमीशन के चलते बैकुंठपुर सेंट जोसेफ स्कूल चालू सत्र में चल रही पुस्तकों को और दूसरे प्रकाशकों की सेटिंग से बदलने की तैयारी चल रही जो कि सरासर गलत है कोरोना कॉल में आमजन का वैसे ही परेशान है दूसरा इन प्राइवेट स्कूलों में केवल अपनी कमाई करने के लिए यह ड्रेस चेंज और पुस्तक चेंज करने का खेल आखिर कब तक चलता रहेगा हर साल दुकानदारों को जनवरी के फर्स्ट सप्ताह में ही स्कूल बुक की लिस्ट मिल जाती थी पर सेंट जोसेफ के द्वारा आज तक लिस्ट ओपन नहीं की गई इसी से आप अंदर लगा लीजिए कि कितनी बड़ी सेटिंग यहां चल रही है जबकि 2023-24 में शिक्षा नीति के तहत पूरी कोर्स की पुस्तके बदलनी है फिर सेंट जोसेफ स्कूल कितना हड़बड़ी में क्यों है ।
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