छत्तीसगढ़ में आज चहुँओर प्रदेश सरकार ने आतंक का वातावरण फैला रखा है। लोगों की ज़मीन-ज़ायदाद को नपवाया जा रहा है, सरकारी सम्पत्ति गिरवी पड़ी है, सांसदों-पूर्व सांसदों को फरार घोषित कराया जा रहा है, धर्मरक्षकों पर एफ़आईआर हो रही है, जनता को छप्पड़ मारा जा रहा है, सत्ता मद में चूर कांग्रेस नेता, उनके रिश्तेदाार और क़रीबी ग्रामीणों पर वाहन चला रहे हैं, बहू-बेटियों की अस्मत लूट रहे हैं या ऐसी घिनौनी कोसिशें कर रहे हैं, तो अब और क्या बचा है? यह कहना है भाजपा के पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे का। उन्होने कहा कि अब क्या प्रदेश सरकार लोगों की बात तक सुनने और उनकी समस्या दूर करने की ज़िम्मेदारी से भी मुँह चुराने के लिए ऐसी शर्मनाक वारदातों को अंजाम देने के लिए सत्ता में बैठी है? क्या प्रदेश सरकार अब प्रदेश के लोगों पर दिनदहाड़े गोलियाँ बरसाने का इरादा रख रही है?
भारतीय जनता पार्टी इस सरेआम थप्पड़ मारने की घटना के मामले में मंत्री पर समुचित कार्रवाई कर उन्हें मंत्रिमंडल से बखऱ्ास्त करने और मारपीट करने वाले लोगों पर एफ़आईआर करने की मांग करती है। एक सभ्य लोकतांत्रिक राज्य में इसल तरह की घटनाओं को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होने कहा कि जबसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी है, सत्ता के मद में चूर कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अपराधियों ने तो प्रदेशवासियों का जीना मुश्क़िल कर ही दिया था,
अब प्रदेश सरकार के मंत्री, संसदीय सचिव और विधायक भी सरेआम प्रदेश के लोगों के साथ गाली-गलौज़ और मारपीट पर उतर आए हैं। अफ़सर क़ायदे से चलें तो कांग्रेस नेताओं के सत्तावादी अहंकार को चोट पहुँचती है, कोई सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करे तो उसे ज़ेल भेज देना अब आम बात हो गई है। राजनीतिक प्रतिशोध इस सरकार की दुष्प्रवृत्ति बन गई है। जो प्रदेश सरकार की बदनीयती का विरोध करे तो पूरी सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी उस पर पिल पड़ती है।
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मांगने पर जिस सरकार के मंत्री ने थप्पड़ मारा, वह सरकार क्या अब प्रदेश की जनता पर गोली चलवाएगी? मंत्री डहरिया ने एक युवक को भरी बीड़ में थप्पड़ मारकर जनतंत्र का खुला अपमान किया है। जिस जनता के बल पर आज कांग्रेस के लोग सत्ता में हैं और राज कर रहे हैं, उसी जनता के साथ वे सरेाम मारपीट कर रहे हैं, इससे शर्मनाक बात कोई और नहीं हो सकती।
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