बीती रात कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर सहित जिले के दूसरे हिस्सो में देर रात लगभग एक घंटे आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के चिरमिरी-खडगवा सहित कुछ ईलाको में रात में ओले गिरने से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। अपनी फसल को खराब होता देख किसान चिंतित है। अब उन्हें केवल सरकार से उम्मीद है कि सरकार किसानों की खराब फसलों का सर्वे करा कर मुआवजा दे। किसान का कहना है कि कर्ज लेकर खेती करने के बाद लगातार बारिश से फसल खराब होने के बाद अब वे कैसे कर्ज चुका पाएंगे।
बारिश के बाद बढ़ी ठंड
बारिश के बाद ठंड ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में गिरावट देखी जा रही है। कृषि वैज्ञानिको का कहना है कि देर रात तेज बारिश आंधी तूफान के साथ और ओले भी आकार के गिरे है।
इन फसलों को नुकसान
इस बारिश से खासकर दलहन की फसल चना, मसूर को ज्यादा नुकसान होगा। क्योंकि इन फसलों में फल लग चुके है। वही पर दूसरी ओर आलू की फसल बार बार बारिश व दूसरी सब्जी वर्गीय फसल को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।
खरीदी केन्द्रो पर धान भीगने से अंकुरण
विगत पखवाडे लगातार बारिश के बाद एक बार फिर से बारिश ने जिले के खरीदी के कई खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के दावो की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि कई खरीदी केन्द्रो में लाखों रुपए का धान का उचित प्रबंध न होने के कारण भींग गया एवं भंडारण में देरी से केंद्रों में खुली जगहों पर हजारों बोरों में हजारो क्विटल धान रखा हुआ है। जहां पर्याप्त कैप कवर नहीं है। जबकि खरीदी केन्द्रों में प्रशासन से तय भंडारण क्षमता के हिसाब से सुरक्षा के लिए कैपकवर आदि की व्यवस्था होती है फिर भी इस बार भी बड़ा नुकसान होगा। जानकारी अनुसार समिति केन्द्रों में खरीदे गए धान को बारिश से बचाने जो कैप कवर रखे गए हैं वह भी फट गया है, तो वहीं कई केन्द्रो पर किसानों की मेहनत के धान को लापरवाही पूर्वक ढंका गया है जिससे खरीदी केन्द्रों में धान भींग रहे हैं, ऐसे में आगे भींगे धान पर अंकुरण हो रहा है।
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