मनमाने बिजली रीडिंग पर शिकंजा कसने बिजली कंपनी ने हाइटेक साफ्टवेयर तैयार किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब बिजली खपत के आंकडों पर हेरफेर नहीं की जा सकेगी। रियल टाइम बेस से मीटरों की रीडिंग की जाएगी। मीटर रीडर बिजली खपत के आंकडों में भी छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे। रियल टाइम बेस से रीडिंग महीने के एक से 15 तारीख के बीच पूरी हो जाएगी। मनमाने बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब बिजली कर्मी घर बैठे मीटर की रीडिंग नहीं कर सकेंगे। मीटर की रीडिंग करने संबंधित बिजलीकर्मी को उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचना होगा।
गौरतलब हो कि कंपनी लंबे समय से मीटर रीडिंग का कार्य आउट र्सोसंिग के माध्यम से करा रही है। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायत रहती है कि रीडर ने स्थल पर पहुंचे बिना बिजली खपत का आंकड़ा भर दिया है। जिससे उसे खपत से अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। नए साफ्टवेयर से मीटर रीडिंग होने से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। उपभोक्ताओं के पास हरहाल में महीने के एक से 15 तारीख के बीच बिल पहुंच जाएगा।
साफ्टवेयर में बिजली खपत आंकडा से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। ज्यादातर उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि समय पर रीडिंग नहीं होने से बिल देर से मिलता है, तथा बिल भुगतान में विलंब होने से अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। कई कई उपभोक्ता सांठगांठ कर रीडिंग को कम करा लेते हैं। इस तरह की शिकायतों का निराकरण करने के लिए कंपनी के अधिकारियों को बड़ी मशक्त करनी पड़ती है। कंपनी ने मीटर रीडंग में पारदर्शिता बनाने साफ्टवेयर तैयार किया है। गड़बड़ियों पर लेगी रोक नई पद्घति से मीटर रीडिंग होने से कंपनी के अफसरों को मानिटरिंग करने में आसानी होगी। एक क्लिक में अफसर उपभोक्ताओं के बिजली खपत के आंकड़ों को देख सकेंगे।
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