केंद्र सरकार ने स्टिकर लगे फल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को पहले फल व्यवसायियों को चेतावनी देने और बाद में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिले में धड़ल्ले से स्टिकर लगे फल की बिक्री हो रही है। शहर के बाजार में चेतावनी देने के बाद भी स्टिकर वाले फल पहले की तरह ही बिक रहे हैं।
विदित हो कि फलों में स्टिकर लगाने के कई कारण हैं। इसके माध्यम से बताया जाता है यह ए ग्रेड का फल है। इसके अलावा विदेशों से आने वाले फलों की जानकारी भी स्टिकर के माध्यम से दी जाती है। ए ग्रेड के फल का दाम और डिमांड ज्यादा रहती है। कारोबारी इसकी का फायदा उठाते हुए थर्ड ग्रेड के फलों में भी स्टिकर लगा कर बेचते हैं। इससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा होता है।
गौरतलब हो कि लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कई नियम बनाए हैं, ताकि लोग स्वस्थ रहें। रोजमर्रा में आसानी से उपयोग होने वाले फल को लेकर खाद्य विभाग द्वारा मानक तय किए गए हैं, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही। फलों पर लगाए जाने वाले स्टिकर के गोंद से सेहत को खतरा है। इसी वजह से उनके प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही इसका उपयोग नहीं करने की चेतावनी फल व्यावसायियों को दी गई थी।
इसके बाद भी बाजार में स्टिकर लगे फल धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार स्टिकर लगे फल मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इस तरह के फल का ज्यादा खाने से कई प्रकार की बीमारी हो सकती है। स्टिकर में गोंद के रूप में जिस केमिकल का उपयोग किया जाता है, वह मानव शरीर के बहुत खतरनाक है।
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