सविप्रा उपाध्यक्ष एवं भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने मनेन्द्रगढ़ के पिपरिया गौठान पहुंचकर आयोजित कार्यक्रम में धरती माँ की पूजा अर्चना कर रक्षा हेतु शपथ ली तथा मुख्यमंत्री का संदेश वाचन कर उपस्थित कृषकों तथा आमजनों को रासायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने गौठान में आजिविकामूल गतिविधियों बाड़ी, मिनी राइस मिल, तेल मिल, पोल निर्माण, ट्रेक्टर, गोबर खरीदी, वर्मी खाद, मुर्गी पालन का अवलोकन किया।
बड़े-बच्चे सबने उत्साह से मनाया अक्ती का त्योहार
अक्ती का पर्व अंचल में परंपरा अनुसार धूमधाम से श्रद्घापूर्वक मनाया गया। बच्चों ने जहां गुड्डे-गुड़ियों की शादी कर खुशियां बांटी वहीं ग्रामीण अंचल में किसानों ने भूमिपूजन कर नए वर्ष में खरीफ फसल की तैयारी की शुरूआत की। कृषि प्रधान जिले कोरिया में अक्ती का पर्व पारंपरिक रूप से मनाया गया। बच्चे जहां गुड़िया-गुड़ियों की शादी कर परंपरा का निर्वहन किए वहीं किसानों ने ठाकुर देव की पूजा कर नए वर्ष में खरीफ फसल की तैयारी की शुरुआत की।
किसान खेतों में पहुंचकर मिट्टी पूजन कर रस्म की अदायगी किए। इसके साथ ही साथ किसान और मजदूर खरीफ फसल की तैयारी में आज से जुट जाते हैं। हालांकि इस पर्व की महत्ता कोरिया जिला में इसलिए समझी जा सकती है क्योंकि जिला कृषि प्रधान है और कृषि प्रधान जिले में किसान और मजदूरों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है। पूरे साल में नए वर्ष के शुरुआत को लेकर किसानों में जहां खासा उत्साह देखने को मिला वहीं बच्चों ने गुड़िया गुड़िया की शादी कर इस पर्व का न केवल निर्वहन किया बल्कि बच्चों के पालकों ने भी बच्चों की खुशियां में बराबर की हिस्सेदारी निभाई। सामान्य तौर पर बच्चों ने शादी की रस्म की पूरी अदायगी की और शाम होते ही बकायदा मंडप सजाकर गुड्डे-गुड़ियों की शादी भी की। आमंत्रित किए गए मेहमानों की मेहमाननवाजी भी की गई और सब पूरी प्रक्रिया में बधाों में खासा उत्साह देखने को अवश्य ही मिला बच्चों में से ही कुछ बच्चों ने जहां बराती की भूमिका आदा की वहीं कुछ बच्चों ने बराती के स्वागत कर अपनी भूमिका निभाई इस तरह से बच्चों ने पूरी शादी की रस्म निभाई।
पानी गिरने को मानते हैं किसान शुभ लक्षण
सामान्य तौर पर अखती के पर्व पर जहां किसान मिट्टी पूजन कर नए खरीफ फसल की तैयारी का आगाज करते हैं वही इस अवसर पर पानी गिरने को भी किसान शुभ लक्षण मानते हैं तथा उनका कहना है कि आज के दिन थोड़ा बहुत भी अधिक बारिश होती है तो निश्चित रूप से नए वर्ष के फसल के लिए एक शुभ लक्षण कहा जाता है और किसानों का उत्साह दुगुना भी हो जाता है जिले में मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदला और कहीं-कहीं पर बूंदाबांदी भी हुई जिसके चलते किसानों का उत्साह इस पर्व को लेकर आज दुगना भी देखने को मिला।
धरती के संरक्षण एवं जैविक कृषि बढावा लिया शपथ
मुख्यमंत्री के आह्वान पर अक्ति तिहार के अवसर पर जिले में माटी पूजन दिवस मनाया गया। इस मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों, किसान साथियों सहित आमजनों के द्वारा धरती माता की पूजा की गई। माटी पूजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन कर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं को माटी के महत्व एवं संरक्षण करने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने प्रेरित किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री वेदांती तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति में कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर कलेक्टर ने माटी एवं कृषि यंत्रों की पूजा कर जिले की समृद्धि की कामना की और माटी के संरक्षण हेतु शपथ दिलाई।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में परम्परागत रूप से माटी पूजन की पूजा की गयी तथा धरती माता की रक्षा करने की शपथ ली गई। आयोजन में मिट्टी की उर्वरा शक्ति के पुनर्जीवन करने तथा रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के स्थान पर वर्मी कम्पोस्ट खाद के उपयोग के साथ गौ-मूत्र एवं अन्य जैविक पदार्थों के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। इस दौरान सभी स्थानों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संदेश वाचन किया गया। श्री बघेल ने संदेश में माटी पूजन महाभियान के द्वारा रासायनिक खाद एवं कीटनाशको की जगह जैविक एवं प्राकृतिक खाद का उपयोग कर सतत टिकाऊ खेती का विस्तार किए जाने हेतु प्रेरित किया।
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