माइनिंग सरदार व ओवरमैन आपोलो में सुरक्षित, दर्जानो को लगी चोटे…..भूकंप – चरचा एसईसीएल के अलावा बैकुन्ठपुर भी असर

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Baikunthpur @ Tahkikat News

कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर से 10 किलोमीटर दूर स्थित चरचा माइंस के अंदर घायल होने वाले तीन लोगों को अपोलो रिफर कर दिया गया है । जबकि एक अन्य का इलाज एसईसीएल के चरचा स्थित हॉस्पिटल में किया जा रहा है । जहां एक ओर घायलों में माइनिंग सरदार इंद्रजीतपाल व ओवरमैन संजीव सिंह सहित एक अन्य को बेहतर चिकित्सा के लिए अपोलो रिफर कर दिया गया है। जानकारी की माने तो लगभग 2 दर्जन मजदूरों का प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें घर भेज दिया गया। जिन्हे हल्की फूलकी चोटे आई थी। वही पर जिला मुख्यालय बैकुनठपुर में भी इसके झटके महसूस किये गये किन्तु बडे नुकसान नही होने और रात्री की वजह से अफरा तफरी नही हुई।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में गुरूवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.6 मेग्नीट्यूट मापी गई है। भूकंप का केंद्र बैकुंठपुर के पास सोनहत क्षेत्र में धरातल से 16 किलोमीटर की गहराई में थी। यहां 11 जुलाई को भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। यहां तीन वर्ष पूर्व भी 4.7 मेग्नीट्यूट का भूकंप आया था। भूकंप के झटके कोरिया जिले के साथ सूरजपुर एवं बलरामपुर जिले के कुछ इलाकों में भी महसूस किए गए। चूंकि भूकंप का अंतराल कुछ ही सेकेंड का था इसलिए इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है।
उत्तरी छत्तीसगढ़़ में बीती रात 00.56 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से करीब 23 किलोमीटर दूर उत्तर पश्चिम क्षेत्र सोनहत में था। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई है। भूकंप के झटके सोनहत एवं रामगढ़ के इलाकों में महसूस किए गए। वहीं जिला मुख्यालय बैकुंठपुर सहित सूरजपुर एवं बलरामपुर जिले के लोगों को भूकंप का हल्का झटका महसूस हुआ। हालांकि भूकंप का अंतराल इतना कम था कि लोगों को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। भूकंप से कहीं भी कोई नुकसान की खबर नहीं है। अधिकांश लोगों को इसका एहसास भी नहीं हुआ। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने कहा कि यह भूकंप का झटका कुछ अंतराल के लिए था। इसका इसर सरगुजा एवं आसपास के क्षेत्रों में नहीं हुआ। 11 जुलाई को सुबह 8 बज कर 10 मिनट पर भी इसी इलाके में 4.3 रिक्टर तीव्रता वाला भूकम्पीय झटका महसूस किया गया था। आज उत्पन्न भूकम्पीय तरंग का एपीसेन्टर भूसतह से लगभग 16 किमी जमीन के भीतर था।

फाल्ट जोन में है क्षेत्र-
कोरिया जिले का सोनहत क्षेत्र फाल्ट जोन में है। करीब तीन वर्ष पूर्व 01 सितंबर 2018 को भी यहां 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका इसर ज्यादा हुआ था। बैकुंठपुर में छतों के पंखे एवं घर में रखे सामान हिल गए थे। फाल्ट जोन में हमेशा भूकंप का खतरा बना रहता है।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में भूकंप के कई केंद्र
उत्तरी छत्तीसगढ़ का सरगुजा, कोरिया जिला भूकंप की दृष्टि से फाल्ट जोन माना जाता है। 10 अक्टूबर 2000 को कोरबा-सरगुजा के बीच सुरता में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका व्यापक असर हुआ था। वहीं वर्ष 2001 में अंबिकापुर क्षेत्र के गोरता में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था।

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गुरुवार देर रात रिएक्टर स्केल 4.6 तीव्रता के भूकंप के झटके आने से चरचा अंडरग्राउंड माइंस में गोफ गिर गया। इसके कारण वहांकाम कर रहे 5 मजदूर घायल हो गए। इनमें से तीन को बिलासपुर रेफर किया गया है। घायल दो अन्य मजदूरों का उपचार स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा हैं। कोरिया जिले में 18 दिन में यहां दूसरी बार भूकंप के झटके लगे हैं।

महिने भर में दूसरी बार भूकंप
इससे पहले 11 जुलाई को 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। उस दौरान दो सेकेंड के लिए ही झटके लगे थे। इसका केंद्र बैकुंठपुर से पश्चिम-उत्तर दिशा में 16 किमी दूर और जमीन से 10 किमी अंदर था। बीती रात आए भूकंप का केंद 23 किलोमीटर दूर जमीन के नीचे 16 किलोमीटर अंदर बताया गया है।

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