एक ओर जहॉ केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार ने आम नागरिको को बडे शहरो में मिलने वाली तमाम सुविधाओ को जिला स्तर पर देने में कोई कोर कसर नही छोडा है । वही पर दूसरी ओर कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में विगत एक साल से लगातार देखा जा रहा है कि वर्तमान अस्पताल अधिक्षक की लापरवाही और स्वय अस्पताल में देर से पहुॅचने के कारण आमजनो को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओ को बेडा गर्क हो गया है यही कारण है कि जब हल्ला मचता है तो अस्पताल के परिसर से शराब की बोतले हटाई जाती है जब हल्ला मचता है तो अस्पताल परिसर की साफ सफाई कराई जाती है तब हल्ला मचता है तब कलेक्टर कोरिया के जवाब तलबी के बाद अस्पताल अधिक्षक डॉ ए. के करण द्धारा बताया जाता है कि जिला चिकित्सालय बैकुन्ठपुर में जिला खनिज न्यास मद से संचालित ड़ायलिसिस मशीन यथावत संचालित हैं, तथा डायलिसिस मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय में लगे हुये बोर का जल स्तर बढ़ती गर्मी के कारण कम हो गया है, पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्तमान में जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित डायलिसिस मशीन बंद हैं। तथा डायलिसिस मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। अतः डायलिसिस के मरीजों को परेशानी ना हो, इस हेतु प्रयास किया जा रहा। इस तरह की बदहाली की जानकारी जिला अस्पताल से हर रोज सामने आ रही है।
गौरतलब हो कि जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्था पर भाजपा जिला उपाध्क्ष शैंलेश शिवहरे के द्धारा कोरिया कलेक्टर को पत्र लिखकर कर सूचित किया गया था कि बैकुन्ठपुर के जिला अस्पताल की बदहाली पर ध्यान दे। अब देखना होगा कि आगामी दिनो में जिला अस्पताल बैकुन्ठपुर जोकि आसपास जिलो के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओ के जाना जाता था उसकी छवी को उन लोगो के द्धारा और कितना खराब किया जाता है।
दशको से बैकुन्ठपुर जिला अस्पताल में सुरजपुर, एमसीबी, कोरबा, अनूकपुर के क्षेत्रो से बेहतर चिकित्सा के लिए आते रहे हैं। बेहतर होगा कि समय रहते स्वास्थ्य मंत्री के संभाग में बैकुन्ठपुर जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्था पर तत्काल हस्तक्षेप कर रोक लगाये । जिससे गरिबो और कमजोर तपके को अपनो के ईलाज के लिए अपनी संपत्तियो को निजि अस्पताल संचालको के आगे गिरवी रखने को विवश न होना पडे।
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