राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2023 में फसल उपार्जन करने वाले कृषकों का योजनान्तर्गत पंजीयन कराने आगामी 31 अक्टूबर तक समय-सीमा निर्धारित की गई है। खरीफ वर्ष 2023 में धान एवं अन्य फसलों का आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों द्वारा कृषकों का पंजीयन किया जा रहा है। सहकारी समितियों द्वारा पंजीकृत किसानों के डेटा को राजीव गांधी किसान न्याय योजना हेतु मान्य किया जाएगा तथा उपार्जित मात्र के आधार पर अनुपातिक रकबा ज्ञात कर आदान सहायता राशि की गणना की जावेगी।
योजनान्तर्गत सभी खरीफ फसलों के उपार्जन करने वाले किसानो को शासन से कृषि आदान सहायता राशि प्राप्ति हेतु राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के एकीकृत किसान पोर्टल में प्राथमिक सहकारी समिति द्वारा पंजीयन कराया जाना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत कृषकों को योजनान्तर्गत आदान सहायता अनुदान की पात्रता नहीं होगी। शासन स्तर से योजनान्तर्गत कृषि आदान सहायता राशि सीधे कृषकों के खाते में अंतरित की जाएगी।
पूर्व वर्षाे में पंजीयन सभी किसानो को धान उपार्जन वर्ष 2023-24 हेतु धान पंजीयन में नामिनी नामांकन कर कैरी फारवर्ड करवाना अनिवार्य है क्यूंकि धान उपार्जन हेतु आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अपनाया जावेगा, जिसके लिए पंजीयन में नामिनी रखना अनिवार्य है।
कोरिया जिले के डीडीए ने किसानो से अपील करते हुए कहा कि अपना पंजीयन फॉर्म तैयार कर अंतिम तिथि से पूर्व पंजीयन करा लें । किसानो को आधार कार्ड, नॉमिनी का आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी -1, खसरा पांचशाला खंड -2, बैंक पासबुक की छायाप्रति, स्वघोषणा पत्र आवश्यक होगा।
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