छठ को ध्यान में रख तारिख बदलने की मांग
प्रदेश में आचार संहिता के साथ चुनावी बिगुल बज चुका है एक ओर भाजपा ने अपना सिपाही मैदान में उतार दिया है। वही पर कांग्रेस की नाम आने इंतजार है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों की तुलना में प्रशासनिक गतिविधियां और सरगर्मी बढ़ अधिक नजर आ रही है।
चुनावी आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए प्रशासन ने मैदान संभाल लिया है। शहर के नेताओं के पोस्टर, बैनर और झंडे भी निकाल जाने से वीरानी छा गई है। दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों में स्थानीय स्तर पर कोई हलचल या गतिविधि नजर नहीं आ रही है। एक ओर भाजपा के उम्मीदवार भैयालाल राजवाडे ने अपना चुनावी प्रचार तेज कर दिया है और इस समय वे कांग्रेस से मिलो आगे नजर आ रहे हैं।
दूसरी ओर टिकट की चाह में कांग्रेसी नेता और उनके समर्थक रायपुर और दिल्ली में दौड रहेे है। सभी को पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी की सूची का इंतजार है। वैसे क्षेत्र की तीनो विधानसभा सीट में भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर कांग्रेस से बढ़त बना ली है। भाजपा के तीनो उम्मीदारो ने अपने अपने विधानसभा में जनसर्म्पक शुरु कर दिया है वही पर कां्रगेस के दावेदारो मे टिकट पाने के लिए जुग भिडाने में लगे हुए हैं।
भाजपा 365 दिन कार्य करने वाली पार्टी
वही पर बैकुन्ठपुर विधानसभा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने कहा कि भाजपा संगठन साल के 365 दिन सक्रिय रहता है। संगठन का मकसद कमल निशान को जिताना है। पार्टी ने प्रत्याशी तय कर दिया है उसे विजयी बनाने के लिए बूथ स्तर पर सतत बैठक और काम चल रहा है। प्रत्याशी मैदान मे उतरते ही राजनीतिक शोर-शराबा और गतिविधियां तेज हो गई है।
छठ को ध्यान में रख बदली जाये तारिख
वही पर आगामी छठ पूजा पर माताओ बहनो के वत्र को ध्यान में रख उन्होने छत्तीसगढ़ में चुनाव की तिथियों पर विचार करे आयोग से अपील किया है। 17 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान के समय सूर्य उपासना का पर्व शुरु हो रहा है । लोकतंत्र के इस पर्व में हर किसी की भागीदारी सुनिश्चत हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
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