शूर्पणखा की तरह बर्ताव कर रही कांग्रेस
यूं तो रामजन्म भूमि और मंदिर निर्माण का संघर्ष दशकों से निरंतर देखने को मिला, लेकिन रामजन्म भूमि पर मंदिर बनाया जाएगा इसकी इबारत 34 साल पहले लिखी गई थी। यह कहना है बैकुंठपुर विधायक और प्रदेश के पूर्वमंत्री भैयालाल राजवाडे का उन्होने कहा कि आज अवध में भले ही राममंदिर बनकर तैयार हो चुका हो और 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा होने जा रही है, लेकिन राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने जहां पहला कदम उठाया वहां पर भी आयोध्या जैसा उत्साह दिखने लगा है। भाजपा ने करीब 34 साल पहले राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था। यहां विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के साथ भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी।
मंदिर की प्राण प्रतिष्णा पर विपक्ष के द्धारा की जा रही राजनिति के बारे में कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस समारोह को लेकर अयोध्या में तैयारियां पूरी हैं। पक्ष हो या विपक्ष दोनों ही दलों के नेताओं को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्यौता भेजा जा रहा है। इसी के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया गया था। श्री राजवाडे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसकी तुलना शूर्पणखा से की है।
उन्होंने कहा कि राम के युग में जो राम के विरोधी थी, वे भेष बदलकर आ गए हैं। राम की कृपा जिस पर होगी वहीं दर्शन करने जाएगा। उन्होंने कहा कि रामसेतु तोड़ने वाले राम विरोधी थे। राम मंदिर ना बने इसके लिए भी कोशिशें की गई।
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