जिले में 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप मनाया गया। इसकी घोषणा प्रदेश सरकार व संस्कृति मंत्री के द्धारा पहले ही कहा गया था ताकि अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और अपनी संस्कृति को सहेज कर रखने के लिए सरकार ने बसंत पंचमी के दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का निर्णय लिया । जिसके परिपालन में सरस्वती पूजा के साथ साथ मातृ-पितृ दिवस भी मनाया गया। स्कूलों में विद्यार्थी एवं अभिभावकों के साथ सरस्वती पूजा के साथ छात्रो ने अपने परिजनो के माथे पर रोली तिलक लगा अपने माता-पिता का पूजन कर, पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और बताया कि माता-पिता की सेवा/आशीर्वाद से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं है। जीवन में सफलता का मूल मंत्र है माता-पिता की सेवा और उनका आशीर्वाद।



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