111 शिक्षक व 111 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया बलवाड़ी का प्रशिक्षण
बैकुण्ठपुर। कलेक्टर कोरिया विनय कुमार के निर्देशानुसार बैकुण्ठपुर विकासखंड में तीन दिवसीय बालवाड़ी प्रशिक्षण का आयोजन कार्यक्रम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुण्ठपुर में किया जा रहा है। बालवाड़ी प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खेल आधारित शिक्षण एवं एफएलएन के उद्देश्यों को पूर्ण करना है। प्रशिक्षण के पहले दिवस कार्यक्रम में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी देवेश जायसवाल व बीआरसी प्रमुख निलेश शुक्ला उपस्थित थे।
नवाचारी शिक्षिका व मास्टर ट्रेनर्स दीपक तिर्की, अनुपा लकडा, दिनेश नायक व जितेन्द्र साहू ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सत्र का संचालन करते हुये प्रथम दिवस में बालवाड़ी प्रशिक्षण के उद्देश्यों से अवगत कराया। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी देवेश जायसवाल ने बालवाड़ी प्रशिक्षण के उद्देश्यों को बताते हुए कहा कि बच्चों में संज्ञानात्मक विकास, आकृतियों की पहचान गणितीय कौशल, शारीरिक सामाजिक एवं भावनात्मक विकास बच्चों में किस तरह किया जाना चाहिए। बीआरसी प्रमुख निलेश शुक्ला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, बुनियादी कौशल विकास पर जोर दिया और कहा प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश के लिए वातावरण तैयार करना ही इस प्रशिक्षण का एक मात्र उद्देश्य है। ताकि बच्चे निर्भिक होकर प्रवेश ले सके। आंगनबाड़ी व बालवाड़ी के समावेशन के उद्देश्यों को मास्टर ट्रेनर्स दीपक तिर्की, अनुपा लकडा, दिनेश नायक व जितेन्द्र साहू द्वारा विभिन्न मुद्दों पर विभिन्न गतिविधियों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व बालवाड़ी शिक्षकों को बहुत ही सहज और सरल तरीके से प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम दिवस प्रशिक्षण का फीडबैक बालवाड़ी एवं आंगनबाड़ी कार्यकरता ने प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षणार्थियों द्वारा अलग-अलग समूह में दैनिक कार्य योजना बनाकर प्रस्तुतीकरण किया गया एवं विभिन्न प्रश्नों व समस्याओं का समाधान भी किया गया। आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी केन्द्रो में समावेशन कारणों पर गहनता से चर्चा किया गया। घर की भाषा और स्कूल की भाषा में बच्चों के साथ परस्पर संवाद करने एवं उन्हें अधिगम प्रक्रिया में शामिल करने के लिए विशेष रणनीति अपनाना होगा। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में 222 बालवाड़ी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

+ There are no comments
Add yours