आम नागरिक व व्यापारी भी प्रशासन की मुहिम का करें सहयोग
बैकुंठपुर सहित जिले भर में आवारा पशुओ का सडको पर कब्जे को लेकर कोरिया कलेक्टर विनय कुमार लंगेह काफी गंभीर और कडा रुख अपनाये हुए है किन्तु उनको अन्य विभागो से उस तरह सहयोग नही मिलने के कारण अपेक्षित परिणाम नही मिल पा रहा है। एक बार फिर कोरिया कलेक्टर ने आवारा पशुओं के कारण होने वाले सड़क दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए नगरीय निकाय, पशुपालन विभाग, जनपद पंचायतो के अधिकारियों से कहा कि सड़कों पर बैठने, विचरण करने वाले ऐसे सभी पशुओं को तत्काल हटाया जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को रेडियम कॉलर लगाने के निर्देश भी दिए।
पशुपालको से जुर्माना वसूली के निर्देश
कलेक्टर कोरिया श्री लंगेह ने कहा कि पशुपालकों व आम लोगों से अपील की है कि पशुओं को सड़कों पर न छोड़े, इससे दुर्घटना की आशंका बनी होती है। पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय व सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों में रहने, बैठने वाले आवारा व घुमन्तू मवेशियों नियमित रूप से सड़को से हटाने के लिए निरीक्षण करें और ऐसे गैर जिम्मेदार पशुपालको से जुर्माना वसूली करें साथ ही नियमानुसार कार्यवाही करें।
इन स्थानो पर रहता है जमावडा
बैकुंठपुर सहित जिले के अन्य क्षेत्रो जिसमें जिला अस्पताल रोड, घड़ी चौक, बस स्टैंड, बाजार चौक, कचहरी, छिंदडाँड़, खरवत चौक, पटना बस स्टैंड, शिवपुर-चरचा, सुभाष चौक, नगर पालिका परिषद कार्यालय, राष्ट्रीय राजमार्ग आदि जगहों व सड़कों से घूमन्तू मवेशियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
आम लोगों व व्यापारियों से अपील
कलेक्टर कोरिया ने आम लोगों व व्यापारियों से कहा कि सड़कों पर बैठने व विचरण करने वाले पशुओं को हटाने में प्रशासन की सहयोग करें। व्यापारियों से अपील करते हुए की उनके दुकान या काम्प्लेक्स के सामने सड़क पर विचरण करने वाले ऐसे पशुओं को स्वप्रेरणा से हटाएं ताकि यातायात सुगम हो, दुर्घटना की आशंका से बचा जा सके।
शहरवासियो ने यह दी सलाह
शहर भर में आवारा पशुओं से निजात पाने के लिए दशको से इंतजार कर रहे हैं शहरवासियों ने जिला प्रशासन को अपनी सलाह देते हुए कहा है कि वे सड़क से आवारा पशुओं को हटाने के लिए और शक्ति बरते । इस दौरान लोगों ने जिला प्रशासन को दी गई अपनी सलाह में कहा है कि सबसे पहले तो प्रशासन सड़क से आवारा पशुओं को हटाने के लिए दो से तीन दिन मुनादी करवाये। इसके उपरांत भी यदि पशुपालकों अपने पशुओं को सड़क से नही हटाते हैं तो उन्हें काउकैचर की मदद से उठाकर रामगढ़ की जंगलों में छोड़ दिया जाए । लोगों का कहना है कि एक दो दिन कडी कार्रवाई होते ही सभी पशुपालक खुद-ब-खुद लाइन पर आ जाएंगे और आए दिन सड़क हादसों से लोगों को याद मिल जाएगी।



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