शनिवार की शाम को बैकुंठपुर के चेरवापारा में ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण खुले गडढे में भरे पानी में डूबकर 3 वर्षीय मासूम की हुई मौत के बाद बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाडे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कोरिया कलेक्टर को मृतक के परिजनो को तत्काल सहायता देने की बात कहा है।
उन्होने देश भर में मानसून के दिनो में होने वाली घटनाओ को ध्यान में रखते हुए पूर्व की घटनाओं का उदाहरण देते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को कहा है। जिले में खुले में पडे सभी बोरवेल एवं अन्य गडढो को तत्काल बंद कराने को कहा है।
उन्होने जनपद पंचायतों के सीईओ के माध्यम से पटवारी और पंचायत सचिव से रिपोर्ट लेकर सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं पीएचई विभाग की टीम इस कार्य में लगाने की बात कही है।
उन्होने कहा कि खुले पड़े बोरवेल को तत्काल बंद कराया जाए। उन्हें इस तरह से बंद कराएं कि वह खोले नहीं जा सकें। अक्सर देखने में आ रहा है कि कुओं की मुंडेर नहीं बनाई जाती। इससे घटना होने का डर बना रहता है। बिना मुंडेर वाले कुओं की करीब ढाई फीट की मुंडेर बनाई जाए।

पंचायत सचिव सस्पेंड, सरपंच के विरूद्ध कार्यवाई प्रस्ताव

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने लापरवाह निर्माण एजेंसी, शासकीय अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध अविलंब कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। बीते दिवस चेरवापारा ग्राम पंचायत की लापरवाही से एक बालक के डूब जाने संबंधी विषय के संज्ञान में आते ही मामले की विस्तृत पड़ताल हेतु उप संचालक पंचायत की अगुवाई में एक कमेटी बनाकर जांच प्रारंभ कर दी गई है और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत के सरपंच के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही प्रस्तावित कर दी गई है। इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत चेरवापारा के ग्राम रकया में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार ही आंगनबाड़ी भवन के समीप एक सोख्ता गढढा बनाए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी और इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत चेरवापारा को ही निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। एजेंसी द्वारा दो माह पूर्व कार्य को प्रारंभ कराया गया जिसमें संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा एक गढढा खोदा गया था लेकिन उसमें सुरक्षा के मानकों का ध्यान न रखने के कारण वह खुला रह गया। बारिश के कारण इस गढढे में एक बालक के गिरने से उसका देहांत होने की बात प्रशासन के संज्ञान में आई है।
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष ने बताया कि विषय संज्ञान में आते ही कलेक्टर कोरिया ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेकर जांच करने और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। इस अनुक्रम में प्रकरण में पीड़ित परिवार को आरबीसी 6(4) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए तहसीलदार बैकुण्ठपुर द्वारा मौके पर जाकर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर इस प्रकरण में एजेंसी की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अविलंब जिला पंचायत की उपसंचालक पंचायत श्रीमती ऋतु साहू के नेतृत्व में एक जांच कमेटी बनाकर मौके पर जांच हेतु रवाना किया गया। जांच कमेटी ने पीड़ित यादव परिवार के सदस्यों से जाकर मुलाकात की और उनका पक्ष सुना। जांच कमेटी ने पीड़ित परिवार से मिलकर प्रशासन की ओर से गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है। यह कमेटी आगामी दो दिवस मे प्रकरण की पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। डॉ चतुर्वेदी ने बताया कि इस प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रथम दृष्टया संबंधित निर्माण एजेंसी को उक्त कार्य के प्रति लापरवाह माना मानते हुए ग्राम पंचायत चेरवापारा में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिव बनवारी लाल साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और ग्राम पंचायत के सरपंच फुलेश्वरी के विरूद्ध पदीय कर्त्तव्यों में लापरवाही पाए जाने पर पंचायत राज अधिनियम के धाराओं के तहत कार्यवाही हेतु अनुशंसा पत्र बैकुंठपुर एसडीएम को प्रेषित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि बारिश के मददेनजर सभी ग्राम पंचायतों के खुले गढढे ना रखने की सख्त हिदायत जारी कर दी गई है। उन्होने कहा कि योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। मैदानी अधिकारी कर्मचारी अपने पदीय दायित्वों के प्रति अत्यंत सजग हो जाएं अन्यथा कड़ी से कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

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