कोरिया मुख्यालय बैकुंठपुर जिला अस्पताल में यह लंबी-लंबी कतारों में खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए महिलाएं, बच्चे काफी परेशान नजर आ रहे हैं। अस्पताल में औषधि वितरण केंद्र और पर्ची बनाने की खिड़कियां पर्याप्त न होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के अंदर और बाहर दोनों जगह मरीज परेशान हो रहे हैं। लंबी कतारों में कोई छोटी तो कोई बड़ी तो कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित है, लेकिन व्यवस्थाओं के कारण सबको एक कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि वह घंटों से इंतजार कर रहे हैं।
अपनी बारी का इंतजार करते मरीज
डॉक्टरों और स्टॉफ की कमी जिला अस्पताल के लिए कोई नई बात नहीं है। कई मरीज तो सुबह से ही आकर अस्पताल में बैठ जाते हैं, ताकि नंबर जल्दी आ जाए। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं बढ़ानी चाहिए।
वायरल की शिकायत सबसे अधिक
वर्षा के बाद धूप के बाद उमस ने मरीजो की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले एक पखवाडे में झमाझम बारिश मानसून के बाद मौसमी बीमारियां भी जोर पकड़ने लगी है। जिसका असर अस्पताल में वार्डों में देखा जा रहा है। यहां इलाज के लिए दाखिल होने वाले मरीजों में बच्चे व बुजुर्ग के अलावा युवा भी शामिल हैं। अधिकांश मरीजों में सर्दी, बुखार, उल्टी दस्त, मलेरिया जैसी शिकायत है। इसका प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के ओपीडी काउंटर में मरीजों की लंबी कतारें लगने लगी हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की भीड़
जिला अस्पताल के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की बढ़त होने लगी है। मरीजों को खानपान में सावधानी बरतने और वर्षा में न भीगने की सलाह दी जा रही है। अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से कमोबेश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के भी बेड भर चुके हैं। यही वजह है कि मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
देशव्यापी हड़ताल का असर नही
सोमवार को कलकत्ता में महिला डॉक्टर के साथ हुए मामले के बाद देशव्यापी हडताल का असर बैकुंठपुर जिला अस्पताल में देखने को नही मिला। जबकि महिला डाक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या पर देश भर में डाक्टरो के साथ आम लोगो में भी उबाल नजर आ रहा है। इस सबंध में सीएस डॉ. आयुश जायसवाल ने कहा कि हम सभी को कलकत्ता की महिला डाक्टर के साथ जो हुआ इसकी बेहद पीडा है । हमारा साहनभुति उनके परिजनो के साथ है। रही बात बैकुंठपुर जिला अस्पताल की तो यहा पर ओपीडी में कोई समस्या और न ही हडताल का असर है।
इन कारणों से बढ़ रही बीमारियां
वर्षा जल में भीगने से।
दूषित पानी का उपयोग करने से।
खुले मे बिकने वाले खाद्य के उपयोग से।
अस्पताल में मरीज से मुलाकात के दौरान असावधानी से।
बासी भोजन करने से।

पर्ची काउन्टर के बाहर मरिजो की अफरा-तफरी

दवा काउन्टर के बाहर की भीड

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