मात्रोपचार से निर्मित शिवलिंगो का पूजन के उपरान्त किया विसर्जन


सावन का महीना हिंदुओं के लिए विशेष महत्व का महीना माना जाता है इसी के तहत सावन के चौथे सोमवार को बैकुंठपुर के प्रेमाबाग शिव मंदिर प्रांगण में सवालाख शिवलिंग का निर्माण लगभग 500 महिलाओं द्वारा किया गया । काली मिट्टी से बने इन शिवलिंगों का विशेष पूजा के उपरांत इसे जल में विश्रजित कर दिया गया। दूसरी और सावन के चौथे सोमवार को शिव मंदिर में सुबह से ही मंदिर में शिव भक्तों का तांता लगा रहा है इसमें लगभग 95 फिसद महिलाएं रहीं। गंगा जल व दूध से शिवलिंग का अभिषेक तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिव लिंग पर जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक के साथ ही शहर के सभी शिवालयो में देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर पूरे चलता रहा। सावन के पवित्र महिने की पहले सोमवार को भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए सोमवार को श्रद्घालु विभिन्न शिव मंदिरो भगवान शिव की प्रतिमा पर जलाभिशेख किया। तो कुछ ने उपवास रख अपनी मनोकामऐ पूर्णताः का वरदान मांगा। कही-कही शिवालयो में विशेष अनुष्ठान भी किये गये। बैकुंठपुर के आसपास के शिव मंदिर में, छुरीगढधाम, एसईसीएल शिव मंदिर, रमदईया धाम, जमगहना शिव मंदिर के अलावा जनकपुर के चांगमाता मंदिर, कटगोडी के शिव मंदिर, विभिन्न शिवालयों में हजारों की संख्या में भक्तो ने अपने अराध्य के दर्शन के लिए भक्तो की भीड बनी रही। देवरहा सेवा समिति द्वारा श्रावण मास के अंतिम और चौथे सोमवार को भगवान भोलेनाथ का पूजन अभिषेक किया गया। प्रेमाबाग परिसर में हुए इस आयोजन में भक्तों ने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया था जिसके बाद श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य सुरेशानंद जी महाराज ने विधिपूर्वक पूजन, अभिषेक का कार्य सम्पन्न कराया। बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालुओं ने अभिषेक करते हुए भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य सुरेशानंद जी महाराज ने कहा कि हिन्दुओं का लिंग पूजन परमात्मा के प्रमाण स्वरूप सूक्ष्म शरीर का पूजन है। शिवलिंग दो शब्दों से बना है, शिव और लिंग। शिव का अर्थ है- परम कल्याणकारी और लिंग का अर्थ है- सृजन अथवा निर्माण। दूसरे शब्दों में शिवलिंग का अर्थ होता है- भगवान शंकर का अंग। शिव के वास्तविक स्वरूप से अवगत होकर जाग्रत शिवलिंग का अर्थ होता है- प्रमाण, वेदों और वेदान्त में लिंग शब्द सूक्ष्म शरीर के लिए आता है। आचार्य सुरेशानंद जी द्वारा बताए गए शिवपूजन के महत्व को भक्तों ने ध्यानपूर्वक सुना। पूजन व अभिषेक पश्चात भक्तिभाव से पार्थिव शिवलिंग का समीप के गेज नदी में विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर शिवलिंग पूजा अभिषेक में प्रमुख रूप से देवराहा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश शिवहरे नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे आशीष शुक्ला, सुभाष साहू, भानु पाल, अनुराग दुबे पार्षद शिल्पा गुप्ता, रजनीश गुप्ता व देवराहा बाबा सेवा समिति के सभी सदस्य एवं सभी माताएं बहने उपस्थित थी।

कालीं मिटटी से शिवलिंग का निमर्ताण करती महिलाये


विर्सजन के जाती महिलाओ की टोली

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