कलेक्टर-एसपी सोनहत और पटना के स्कूलो कॉलेजो में दिया साइबर सुरक्षा का मंत्र
13 साल से कम उम्र के बच्चों को फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसी साइट्स पर अनुमति नहीं
बैकुंठपुर।
कोरिया में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक के तहत शनिवार को शासकीय नवीन महाविद्यालय सोनहत एवं पंडित ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना में कलेक्टर कोरिया चन्दन त्रिपाठी एवं एसपी सूरज सिंह परिहार द्वारा सोनहत एवं पटना के कॉलेज एवं विभिन्न विद्यालयों के अध्यापको और विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया है।
कोरिया पुलिस द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजो, बाजार, पूजा पंडालो, रावण दहन, जगराता जैसे स्थानों में साइबर जागरूकता से सम्बंधित कार्यक्रम आयोजित कर लोगो को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे जिला कोरिया अंतर्गत 10 दिनों के भीतर लगभग 22000 से ज्यादा लोगो को लाभान्वित किया जा चुका है।
उपरोक्त दोनों कार्यक्रमो में उपस्थित अध्यापको एवं विद्यार्थियों को सिम कार्ड फ्रॉड और सिम स्वैपिंग तकनीक के जरिए बैंक खातों से धन चोरी के प्रयासों के बारे में बताया गया है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे केवल कस्टमर केयर के वास्तविक नंबरों का ही उपयोग करें और अज्ञात कॉल्स या मैसेज का जवाब न दें। साथ ही उपस्थित अध्यापको को कहा कि पेरेंट्स मीटिंग के दौरान अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बताएं और इस कार्यक्रम के माध्यम से साइबर बुलीइंग से बचाने के उपायों के बारे में भी समझाये।
इसके अलावा फर्जी फेसबुक आईडी की पहचान कर उन्हें रिपोर्ट करने और साइबर अपराधियों द्वारा व्यक्तिगत जानकारी चुराने या गलत संदेश फैलाने से सावधान रहने की भी सलाह दी गई है। ओटीपी की सुरक्षा पर जोर देते हुए इसे किसी के साथ साझा न करने और अनचाही लिंक पर क्लिक करने से बचने को भी कहा गया है ।
कार्यक्रमो में रिमोट एक्सेस ऐप्स, जैसे डाउनलोड न करने की सलाह दी गई, ताकि साइबर अपराधियों से फोन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लॉटरी या किसी लालच में न पड़ने की हिदायत भी दी गई है। ठगी का शिकार होने पर साइबर पुलिस से तुरंत संपर्क करने, शिकायत दर्ज कराने और प्रमाण रखने का सुझाव भी दिया गया है।
ऑनलाइन ठगी पर तुरंत करें पुलिस को सूचित
इसके अतिरिक्त यह भी समझाया कि अपने एटीएम कार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करें और इसका उपयोग केवल स्वयं या अत्यंत विश्वसनीय व्यक्ति से ही कराएं। मोबाइल नंबर बदलने पर तुरंत बैंक को सूचित करें ताकि खाते की जानकारी सुरक्षित रहे। ऑनलाइन ठगी या खाते से धन गायब होने पर तुरंत पुलिस और साइबर क्राइम शाखा को सूचित करें। किसी भी अश्लील या अपमानजनक संदेश का स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को रिपोर्ट करें।
कंप्यूटर व मोबाइल में एंटी-वायरस करें इंस्टाल
अपने कंप्यूटर और मोबाइल में एंटी-वायरस, एंटी-स्पाइवेयर और साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें। ऑनलाइन पोस्ट की गई जानकारी को हटाना मुश्किल होता है, इसलिए सोशल मीडिया में पोस्ट करते समय सावधानी जरूर बरतें। केवल विश्वसनीय स्रोतों से मोबाइल ऐप डाउनलोड करें और अपने मोबाइल को पासवर्ड, पैटर्न लॉक या फिंगरप्रिंट लॉक से सुरक्षित रखें। उक्त कार्यक्रम में किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना अकाउंट विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पिन, सीवीवी, या ओटीपी नंबर कभी न बताने को भी कहा गया है। अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी को फोन, ईमेल, एसएमएस, फेसबुक या व्हाट्सएप पर न दें। अपने खाते का पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और न ही उसे मोबाइल या कंप्यूटर पर सेव करें।
13वर्ष से कम सोसल साइट से रहें दूर
यह भी बताया गया कि 13 साल से कम उम्र के बच्चों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, और स्नैपचौट जैसी साइट्स पर अनुमति नहीं है, इस नियम का उल्लंघन करने में उनका समर्थन न करें। बच्चों को ऐसे एप्स का उपयोग न करने दें, जो संदेशों को तुरंत हटा देते हैं, जैसे स्नैपचौट। बीमा के बोनस या अधिक रिटर्न देने के झांसे में न आएं। अनजान लोगों को ऑनलाइन फ्रेंड न बनाएं और उनके बुलावे पर मिलने न जाएं।
बैगर जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा न बनें
किसी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा न बनें और बिना पहचान के किसी को अपने ग्रुप में न जोड़ें। फेसबुक, इंस्टाग्राम, या किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपनी निजी जानकारी जैसे घर का पता, फोन नंबर, जन्मतिथि, या लोकेशन साझा न करें। प्ले स्टोर पर उपलब्ध सभी एप्स पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें और अपने मोबाइल फोन में निजी जानकारियों को सुरक्षित न रखें।

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