एचएमपीवी वायरस को लेकर डॉक्टर बोले रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर
जिला अस्पताल के सीनियर डॉ. गौतम पैकरा ने लोगो को दिया सलाह बच्चे और बुजूर्ग का रखे ख्याल
बैकुंठपुर।
कोरोना के बाद एक बार फिर से चीन से निकले वायरस ने लोगो को डराना शुरु कर दिया है। जबकि प्रदेश सरकार ने वर्तमान में सिर्फ सर्दी खासी वाले मरिजो का डेटा रखने को निर्देश दिये हैं। समाज को चीन से आ रही तस्वीरे डरा रही हैं।वही पर इस सबंध में जिला अस्पताल बैकुंठपुर के सीनियर डॉ. गौतम सिंह पैकरा का कहना है कि लोगो को घबराने की जरुरत नही है एचएमपीवी मुख्य रूप से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले शिशुओं को प्रभावित करता है। इसके कोई भी लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। घबराने की बात नहीं है, लेकिन रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है। उन्होने कहा कि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर डाक्टरो की सलाह लें।

दूसरी ओर एचएमपीवी के मरीज कई राज्यों में लगातार सामने आ आ रहेे हैं। जानकारो को भी नही पता है कि इसका टेस्ट कहा और कैसे होगा। बताया जा रहा है कि जिले सहित इस वायरस के जांच की सुविधा नहीं है। पीरक्षण के लिए प्रयोगशाला में आवश्यक किट भी उपलब्ध नहीं है। शहर में अभी कोई सतर्कता भी नहीं बरती जा रही है। शासकीय विभाग अभी सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि वायरस को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह पहले से प्रचलित है। हमें जागरूक रहकर सावधानियां बरतनी चाहिए।
सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण
यह आमतौर पर सर्दी, खांसी और बुखार जैसे हल्के श्वसन लक्षणों का कारण बनता है। यह आम सर्दी के समान है, लेकिन यह कभी-कभी निमोनिया या अस्थमा जैसी अधिक गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। जानकारो का मानना है कि अधिकांश लोग विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं। बता दें कि वायरस की पुष्टि कोरोना की तरह आरटीपीसीआर से ही की जाएगी, लेकिन इसकी जांच के लिए अलग किट आती है। जबकि स्वास्थ्य विभाग शासन के दिशा निर्देश की प्रतिज्ञा कर रहा है।
ये हैं एचएमपीवी के सामान्य लक्षण
नाक बहना या बंद होना
गला खराब होना
सांस लेने में समस्या
खांसी और बुखार

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